सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज की व्यवस्था को पटरी पर लाने की सारी कोशिश नाकाम हो रही है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी के कारण सर्जरी बंद है, जबकि अल्ट्रासाउंड जांच भी नहीं हो रही है। ठंड के सीजन में हृदय रोग के मरीज बढ़ गए हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से तीन विभागों के विशेषज्ञों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज लगा दी गई, लेकिन वर्तमान में इनमें से कोई भी इलाज नहीं कर रहा है। यहीं कारण है कि मेडिकल कॉलेज में इलाज में कठिनाई आ रही है।
मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया व कार्डियोलॉजी के डाॅक्टर नहीं हैं। इस कारण जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तीन-तीन दिन ड्यूटी लगाई है। सीएचसी अधीक्षक शोहरतगढ़ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी का कार एक्सीडेंट होने के कारण वह अवकाश पर हैं। इस कारण मेडिकल कॉलेज में ओटी पर ताला लटक रहा है। जनरल सर्जरी, आर्थो सर्जरी, ईएनटी और डेंटल सर्जरी बंद है। एक ही एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. एके चौधरी हैं, जिनके भरोसे सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार पांडेय की ड्यूटी लगाई है, लेकिन सात माह से चिकित्सा अवकाश पर हैं। इस कारण दिल के मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
मेडिकल कॉलेज में सीएमएस के अधीन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव रंजन सिर्फ कोर्ट केस और मेडिकोलीगल का कार्य कर रहे हैं। इस कारण डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा के मेडिकल कॉलेज से जाने के बाद से अल्ट्रासाउंड जांच बंद हो गई है। गर्भवती महिलाओं की जांच भी नहीं हो रही है, जबकि जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश के अनुसार गायनिक डॉक्टरों को ही गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच करनी है, लेकिन इन डॉक्टरों को प्रशिक्षण नहीं मिला है।
खेसरहा सीएचसी के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मी शंकर पाल की ड्यूटी तीन दिन के लिए मेडिकल कॉलेज में लगाई गई है। सीएमओ ने 19 नवंबर को उन्हें बुधवार, बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में जांच करने का आदेश दिया है, लेकिन वे अवकाश पर हैं। इस कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही है।
वर्जन
तीन डॉक्टर विशेषज्ञ डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किया गया है। इनमें दो डॉक्टरों का स्वास्थ्य खराब है। जबकि तीसरे डॉक्टर को ज्वाइन करने के लिए निर्देशित किया गया है।
-डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ