इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां भगवती
डुमरियागंज। चैत्र नवरात्र दो अप्रैल शनिवार से आरंभ होकर 11 अप्रैल तक है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि, विधान से पूजा की जाएगी। इन नौ दिनों में मां जगदंबे की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य ओम प्रकाश पांडेय के अनुसार मां भगवती इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी।
वहीं, इस बार चैत्र नवरात्र में कई बड़े परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। नवरात्र में एक भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। खास बात यह है कि इन नौ दिनों में कई ऐसे योग बन रहे हैं जो सर्व फलदायी हैं। ज्योतिषाचार्य ओम प्रकाश पांडेय के अनुसार, ऐसे योग कम ही आते हैं। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। वैसे तो माता रानी सिंह की सवारी करती हैं, लेकिन नवरात्र में धरती पर आते समय उनकी सवारी बदल जाती है। मां जगदंबे की सवारी नवरात्र के प्रारंभ होने वाले दिन पर निर्भर करती है। नवरात्र का प्रारंभ जिस दिन होता है, उस दिन के आधार पर उनकी सवारी तय होती है। ठीक इसी प्रकार से वह जिस दिन विदा होती हैं, उस दिन के आधार पर प्रस्थान की सवारी तय होती है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंडित राकेश शास्त्री ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। इसे घटस्थापना भी कहा जाता है। नवरात्र घटस्थापना का शुभ मुहूर्त दो अप्रैल 2022 शनिवार को सुबह 06 बजकर 10 मिनट से 08 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। कलश स्थापना प्रतिपदा यानी नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ की जाती है।
इसबार नवरात्र ज्यादा खास, व्रत रखने से होगा लाभ
प्राचीन दुर्गा माता मंदिर के पुजारी पं. राकेश शास्त्री ने बताया कि चैत्र माह हिंदू नववर्ष का पहला माह होता है। इसी माह में सबसे धार्मिक पर्व नवरात्र पड़ती है, जिसे चैत्र नवरात्र के नाम से जाना जाता है। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्र की शुरुआत दो अप्रैल 2022 शनिवार से हो रही है, जो कि 11 अप्रैल तक रहेगी। इन नौ दिनों में मां जगदंबे की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। मां जगदंबे को प्रसन्न करने के लिए भक्त इन नौ दिनों में उपवास रखते हैं और पूजा करते हैं। मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा की सच्चे मन से आराधना की जाए तो जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही इन दौरान उपवास रखने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। हिंदू धर्म ग्रंथों में नवरात्र व्रत रखने के कई लाभ और महत्व के बारे में बताया गया है। धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से व्रत रखना मनुष्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
नवरात्र में व्रत रखने के फायदे
नवरात्र व्रत की महिमा शास्त्रों में भी वर्णित है। धर्म शास्त्रों के अनुसार नवरात्र व्रत करने वाले जातकों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा होती है। इसके अलावा घर में सुख, शांति व समृद्धि आती है। नवरात्र व्रत रखने से मां दुर्गा अपने भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखती हैं।
सुख, समृद्धि की होती है प्राप्ति
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र का व्रत रखने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख, समृद्धि का वरदान देती हैं। साथ ही नवरात्र के नौ दिन व्रत रखने से तन, मन और आत्मा की शुद्धि होती है। जो भक्त नवरात्र का व्रत रखते हैं तो भगवती की कृपा होती है।
सारी समस्याएं होती हैं दूर
ज्योतिषाचार्य ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि मां दुर्गा नवरात्र का व्रत रखने वाले अपने सभी भक्तों के जीवन से सारी समस्याओं को दूर करती हैं। ऐसा माना जाता है कि नवरात्र का व्रत रखने वाले लोगों को समस्याओं से मुक्ति मिलती है और स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि जो भक्त नवरात्र का व्रत रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में आरोग्य जीवन व्यतीत करते हैं।