तीन पशुओं के कटे सिर मिलने से मची खलबली
डुमरियागंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के मालीमैंनहा के बाहरी हिस्से में बन रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र के परिसर में गड्ढे में रविवार को तीन पशुओं के सिर मिलने से खलबली मच गई। मामले की जानकारी मिलते ही डुमरियागंज और इटवा के क्षेत्राधिकारी के साथ ही कई थानों के पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे। पानी से अवशेषों को बाहर निकलवाकर पशु चिकित्सकों की टीम ने मांस के टुकड़ों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया। उसके बाद मालीमैंनहा गांव में पुलिस ने दबिश देकर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
डुमरियागंज थाना क्षेत्र के मालीमैंनहा में रविवार को चरने गई भैंस व गाय अचानक अर्धनिर्मित कूड़ा निस्तारण केंद्र के परिसर में पहुंचने के बाद भागने लगीं। जानवरों को भागते देख चरवाहे जब उधर गए तो परिसर में एकत्रित पानी में पशुओं के तीन कटे सिर देखे। उसके बाद चरवाहे ने यह बात गांव में जाकर बताई तो ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। धीरे-धीरे वहां भीड़ बढ़ने लगी और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। क्षेत्राधिकारी अजय श्रीवास्तव प्रभारी थानाध्यक्ष रमाकांत सरोज मातहतों के मौके पर पहुंच गए। उसके बाद ग्रामीणों की मदद से पानी के अंदर से पशुओं के तीनों सिरों के साथ ही उसके अवशेषों को बाहर निकलवाया।
अवशेषों के टुकड़ों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया। इधर सूचना पाकर मौके पर इटवा के क्षेत्राधिकारी भी आ गए। उसके बाद डुमरियागंज, भवानीगंज, पथरा, इटवा, त्रिलोकपुर, गोल्हौरा आदि थानों के पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। भारी तादात में पुलिसकर्मियों ने मालीमैंनहा गांव में दबिश दी। वहां से छह से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया और उन्हें थाने में लाकर पूछताछ शुरू की गई। इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष डुमरियागंज रमाकांत सरोज ने बताया कि तहरीर मिली है। पूछताछ की जा रही है। घटना में शामिल सभी लोगों को पकड़ा जाएगा। मामले में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर हियुवा के प्रदेश प्रभारी और पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसमें शामिल आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई की भी मांग उठाई।