महराजगंज। सिसवा के ग्राम पंचायत सोनबरसा में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के बाद प्रधान का पावर सीज करने एवं बाद में उन्हें क्लीनचिट देते हुए बहाल किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रधान की बहाली के बाद भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों को समझाने पहुंचे अतिरिक्त उपजिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को पुन: मामले की जांच कराने का आश्वासन देते हुए जूस पिलाकर धरना समाप्त कराया।
जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामवासी संजय निषाद के अनुसार 13 दिसंबर 2024 को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर 16 जुलाई 2025 को हुई जांच में कुल 11,37,282 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रधान का पावर सीज करते हुए वित्तीय कार्यों के लिए तीन सदस्यीय समिति गठन की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। आरोप है कि इसी दौरान 17 जनवरी 2026 को बिना शिकायतकर्ताओं को सूचना दिए पुनः जांच कराई गई और त्रिस्तरीय समिति गठन की प्रक्रिया रोक दी गई है। अतिरिक्त उपजिलाधिकारी विजय यादव ने पूरे प्रकरण की पुनः जांच कराने का आश्वासन दिया।