दर्द से कराह रहा है जिला अस्पताल का दंत रोग विभाग
ओटी में सर्जरी के उपकरण ही नहीं, मरीजों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
आठ माह में तीन बार भेजा गया मांग पत्र, मगर नहीं मिले उपकरण, रेफर हो रहे मरीज
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल का दंत रोग विभाग उपकरणों का अभाव है। इसके चलते मरीजों को पर्याप्त इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। डॉक्टर भी जोखिम उठाने के बजाय मरीज को रेफर कर दे रहे हैं। इस कारण लोगों को अस्पताल में जाने के बाद मायूसी हाथ लग रही है। लोग मजबूर होकर निजी अस्पताल में इलाज के लिए अधिक रुपये खर्च कर रहे हैं।
संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में ही दंत रोग से पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि ओटी में सर्जरी नहीं हो पा रही है। असिस्टेंट प्रो. डॉ. शिल्पी गंगवार मैक्सलोफेशियल सर्जन हैं, वे जबड़े की सर्जरी कर सकती हैं। उनके अलावा भी तीन डॉक्टर बैठते हैं, लेकिन स्थानीय मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है। आठ माह में डेंटल ओपीडी के उपकरण के लिए तीन मांग पत्र जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज भेजे गए, जो फाइलों में दब गए।
दंत रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त इलाज के बजाय बस्ती या गोरखपुर के अस्पताल में जाने की सलाह दी जा रही है। डेंटल एक्स-रे के लिए फिल्म नहीं है, टूटे फूटे दांत निकालने के लिए पर्याप्त उपकरण नहीं हैं। एक्सीडेंट ट्रामा के भी उपकरण नहीं हैं। गंभीर केस आने पर मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज का रास्ता दिखा दिया जाता है। जिम्मेदारों की लापरवाही से मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
मेरे दांत में इंफेक्शन हो गया है। जिला अस्पताल में दांत के एक्स-रे की सुविधा नहीं है। बिना एक्स-रे के दांत का इलाज संभव नहीं है। सुविधा नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है। जो समय बर्बाद करके आता है, उसे दूसरे अस्पताल में जाने की सलाह मिलती है।
राजू मिश्रा
मेरा एक दांत ज्यादा खराब हो गया है। एक बार आई तो पता चला था कि एक्स-रे की सुविधा शुरू होने वाली है। इस बार भी कुछ दिन बाद आने या दूसरे अस्पताल में जाने की सलाह दी गई है। दांत के अस्पताल में सिर्फ दर्द की दवा मिल रही है, यह दवा तो मेडिकल स्टोर में भी मिल जाएगी।
सीता देवी
जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में उपकरणों के खरीद के लिए निर्देश दिए गए थे। किन कारणों से उपकरण और एक्स-रे फिल्म नहीं आई, इसकी जानकारी करेंगे। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही सामान मंगाए जाएंगे, मरीजों को असुविधा नहीं होगी।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य