इमरजेंसी सेवा होने के बाद भी सवारी का इंतजार करते हैं चालक परिचालक
देर होने से यात्री प्राइवेट वाहनों की तरफ करते हैं रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिपो पर बसों का संचालन देर से होने के कारण यात्रियों का रोडवेज से मोह भंग हो रहा है। वहीं कई बस आधे से एक घंटे देर से संचालन होने से यात्रियों काे अपने गंतव्य तक पहुंचने में देर होती है। बस की देरी के कारण कई बार यात्रियों को गोरखपुर में अपने ट्रेन को भी छोड़ना पड़ा है। मंगलवार को डिपो का पड़ताल करते समय सच सामने आया।
मंगलवार को दोपहर 12 बजे गोरखपुर जाने वाली बस 15 मिनट देर से गई। उसके बाद से दो घंटे तक डिपो पर गोरखपुर जाने के लिए कोई भी बस नहीं थी। एक बजे बर्डपुर से आए राधेश्याम ने बताया कि गोरखपुर जाना है। शाम 5:25 बजे मुंबई की ट्रेन है। लेकिन डिपो से दो बजे ही बस जाएगी। ऐसे में राधेश्याम ने ट्रेन छूटने के डर से प्राइवेट वाहन से चला गया। थोड़ी ही देर में फरेंदा जाने के लिए शहर की गीता आई उन्होंने बताया कि डिपो से बस समय से नहीं चलती है। चलने को कहने पर कहते सवारी पूरी नहीं हुई है।
बताया कि दोपहर दो बजे से गोरखपुर के लिए बस मिलना शुरू हाे जाता है। लेकिन आधे से एक घंटा देर से ही संचालित होता है। सच जानने के लिए संवाददाता ने डिपो पर बस जाने के समय का इंतजार करना शुरू कर दिया। दो बजे तक गोरखपुर जाने वाली बस में लगभग 20 सवारी मौजूद थे। लेकिन डिपो से बस का संचालन नहीं होने पर यात्री बस के संचालन का इंतजार करने लगे। दोपहर 2:30 बजे चालक ने बस को स्टार्ट किया। 10 मिनट बाद परिचालक के आने पर बस का संचालन शुरू हुआ।
डिपो में चालकों की कमी से एक दो बस देरी से चलती है। जबकि अन्य बसें समय से ही संचालित होती है। यदि चालक के लापरवाही से बस देरी से चल रही होगी तो उसका जांच करवाया जाएगा।
-वीके गंगवार, एआरएम