सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर मुलाकात कर शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) अनिवार्यता को समाप्त कराने से जुड़े मुद्दे का ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन में द गैजेट ऑफ इंडिया के सेक्शन 23 का संदर्भ दिया गया है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए तय शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य होता है। परंतु पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता नहीं है। इसके साथ ही पत्र में 10 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन का भी उल्लेख किया गया है। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय हैं। वह हमेशा शिक्षकों के संघर्ष में साथ रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न विसंगतियों को दूर कराने के लिए वह संसद में मुद्दा उठाएंगे और संसद से बाहर भी पूरा सहयोग करेंगे।
टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद जगदंबिका पाल ने हमेशा शिक्षक हितों की सुरक्षा के लिए कार्य किया है। दिल्ली धरने में भी पहुंचकर सांसद ने शिक्षकों को संबल प्रदान किया था। कहा कि शिक्षकों को विश्वास है कि उनके सहयोग से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्रम में संगठन के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट में सफलता मिलने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला कार्यसमिति के पदाधिकारियों सहित समस्त ब्लॉक कार्यसमिति व संघर्ष समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।