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Siddharthnagar News: सख्ती... बिक्री में खरीदार का नाम, मोबाइल नंबर अनिवार्य

Thu, 27 Nov 2025 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। अब कफ सिरप की एक-एक शीशी का मेडिकल स्टोर संचालकों को हिसाब किताब रखना होगा। इसमें जिन मरीजों को दवा बेची जाएगी, उनके नाम और मोबाइल नंबर के साथ पता रजिस्टर में दर्ज करना होगा। कोडिन युक्त कफ सिरप पर प्रतिबंध के बाद दुकानों की कुंडली खंगाले जाने पर बड़ी अनियमितता सामने आई है, इसको देखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
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दवा की आपूर्ति कहां से हुई और बिक्री किस आधार पर की जा रही है, इसकी जानकारी न तो मेडिकल स्टोर के रजिस्टर में दर्ज है और न ही आपूर्ति के बारे में कोई कागजात या सटीक जानकारी ही दुकानदार दे पा रहे हैं। डुमरियागंज में गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद जांच शुरु हुई तो खामियां मिल रही हैं।
सूत्रों की मानें तो गोरखपुर और लखनऊ की सप्लाई आखिरी चरण में की गई, जिसे तस्करों के जरिये नेपाल भेजने की योजना थी। वहीं, टैक्स से बचने के लिए रजिस्टर अपडेट में झोल करने की बात सामने आ रही है।
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जिले में कफ सिरप की अनियमित बिक्री सामने आने बाद अब स्वास्थ्य महकमा और खुफिया टीम एक्शन मोड में आ गई है। जिले में एक महीने में करीब 6 लाख शीशी कफ सिरप की खपत ने सिस्टम को चौंका दिया है। अब तस्करों की चेन पकड़ने के लिए हर मेडिकल स्टोर की रजिस्टर से लेकर स्टॉक एंट्री तक की बारीकी से जांच शुरू हो गई है।
महीने में लगभग 6 लाख शीशी कफ सिरप की बिक्री: नेपाल कनेक्शन पर बढ़ा फोकस
सूत्रों की मानें तो नेपाल बाॅर्डर पर विशेष नजर है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों की दुकानों को देखा जा रहा है। नेपाल में बाॅर्डर पर लगभग हर माह कोई न कोई तस्कर दवाओं की खेप के साथ पकड़े जाते हैं। इसमें कफ सिरप के साथ ही कई दर्द निवारक दवा, क्रीम और कई नशे की जुड़े ड्रग जब्त किया जाता है।
यह तो बरामदगी की बात है। इसके इतर सुरक्षा एजेंसियों की नजर से ओझल होकर करोड़ों की दवा बाॅर्डर पार हो जाती है। पूर्व की जांच में सीमावर्ती क्षेत्र के मेडिकल स्टोर की भूमिका संदिग्ध मिली थी। इसमें दोनों देश के अधिकारियों की बैठक में नेपाल की ओर से दवाओं की तस्करी पर कठोर कदम और बाॅर्डर के मेडिकल स्टोर की जांच करने की बात उठी थी। यहां के अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की बात कही थी।
इन बिंदुआ पर हो रही है जांच: बॉर्डर एरिया के दुकानों पर सबसे ज्यादा गड़बड़ी मिली। कई दुकानदारों की ओर से माल की खरीद तो दिखाई गई पर बिक्री रिकॉर्ड खाली खुफिया सूत्रों के अनुसार कफ सिरप नेपाल भेजने का मजबूत नेटवर्क सक्रिय है। इसके बारे में जानकारी ली जा रही है कि रैकेट में कौन- कौन शामिल है और यह कैसे संचालित किया जा रहा है।
रैकेट की चेन तोड़ी जा सके, इसलिए बॉर्डर पर निगरानी के साथ-साथ मेडिकल स्टोरों को भी रडार पर लिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही बाॅर्डर पर बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
इतना हर माह बिकता है कफ सिरप : जिले की आबादी मौजूदा समय में लगभग 30 लाख के करीब पहुंच चुकी है। यहां 1500 से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं।
मौसम में बदलाव के सर्दी के बाद खांसी के रोगी बढ़ते हैं। एक दुकान औसतन 20-30 से और थोक वाले 50 से 80 फाइल तक की बिक्री करते हैं। प्रतिदिन कम से कम 22 हजार शीशी की बिक्री है। यानी माह में छह लाख शीशी सिरप की खपत हो रही है।
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