अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर रविवार को जिले भर में कार्यक्रम कर मजदूरों के हक की आवाज बुलंद की गई। मेहनतकश वर्ग को मान-सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए सबने प्रतिबद्धता दोहराई। श्रम कानूनों को लागू करने पर जोर दिया गया तो सुविधाएं दिलाने की भी मांग उठी।
कलेक्टरेट परिसर में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सूबे की सरकार पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। 16 मई को बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि प्रदेश की सरकार एक तरफ नेताओं को पेंशन दे रही है। वहीं कर्मचारी व शिक्षकों की पेंशन नीति में बदलाव करके हितों की रक्षा नहीं कर पा रही है। रोडवेज बसों में जनप्रतिनिधियों को छूट प्रदान की गई तो वरिष्ठ नागरिकों को भी किराया में 30 प्रतिशत की राहत दी जाए।
सभी प्रकार के संविदाकर्मियों को मानदेय के स्थान पर न्यूनतम वेतनमान व भत्ता दिया जाए। आगे कहा कि परिषदीय विद्यालयों में नवनियुक्त अध्यापकों को 6 माह से वेतन नहीं मिला है। उनसे सर्विस बुक व वेतन सत्यापन के नाम पर धन उगाही किया जा रहा है। अगर 15 मई तक सभी अध्यापकों को वेतन नहीं दिया जाता है तो अगले दिन से कार्यालय पर तालाबंदी किया जाएगा। इस दौरान शंभू प्रसाद, महेश्वरी दयाल, रामप्रसाद, राजाराम, श्रीप
ति मौर्य, कांशीराम, बलराम सिंह, हरिमोहन मिश्रा, शिवदयाल आदि मौजूद रहे। उधर, मजदूर एकता सम्मेलन में सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि केन्द्र सरकार मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है। उनकी बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
हर परिवार को धुआं मुक्त ईंधन के लिए रसोई गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। मजदूर परिवार इसका लाभ उठाएं। उन्होंने मजदूरों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में राजेश त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।