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फर्जी शिक्षक प्रकरण में सुस्त हुई कार्रवाई

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फर्जी शिक्षक प्रकरण में सुस्त हुई कार्रवाई
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सिद्धार्थनगर। जिले में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई सुस्त पड़ गई है। चिह्नित होने के बाद भी अभी कई शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हुई। जिले में बड़े नौकरी हासिल करने वाले कई शिक्षकों के दस्तावेज मिल चुके हैं।
जिले में वर्ष 2018-19 में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों का भंडाफोड़ हुआ था। मामले की जांच में जुटी एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने शिक्षा माफिया को दबोचने में कामयाबी हासिल की थी। सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ की जांच में 400 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे। जांच के बाद उनकी पोल खुल जाती। अब तक जिले में 110 से अधिक शिक्षक फर्जीवाड़े में पकड़े गए और उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया।
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यह कार्रवाई उन लोगों पर हुई, जिनकी शिकायत किसी न किसी माध्यम से हुई। मामले की जांच अभी चल रही है, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। वहीं, अब तक रिकवरी की भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस की ओर से धन की रिकवरी के संबंध में कई बार बेसिक शिक्षा विभाग को पत्राचार भी किया जा चुका है। विभागीय जिम्मेदारों की रुचि न लेने से कार्रवाई शिथिल है। ऐसे विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जांच चल रही है। जिनके दस्तावेज जांच में फर्जी मिल रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। गड़बड़ी करने वाला कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।
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