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नदियों के उफान से सिरसिया सीएचसी, पॉवर स्टेशन में घुसा पानी

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रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भरे बाढ़ के पानी में आवागमन करते ग? - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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नदियों के उफान से सिरसिया सीएचसी, पॉवर स्टेशन में घुसा पानी
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डुमरियागंज। नदियों के बढ़ते जलस्तर से अब जनजीवन पर बुरा असर पड़ने लगा। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रमवापुर उर्दू नेबुआ गांव से सटकर बने भोजपुर-शाहपुर बांध में गैप होने के कारण राप्ती नदी का पानी गांव में आ गया है। गांव में बना सिरसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी भर गया है। इससे मरीजों के साथ उनके परिजनों को पहुंचने में दिक्कत हो रही है। मरीज के अलावा चिकित्सक भी परेशान हैं, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
वहीं सिरासिया में स्थित 132 केवीए के विद्युत स्टेशन में पानी भर गया है। ग्राम पंचायत के राजस्व गांव कोहलचक बड़हरा भी राप्ती नदी के बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है, जिससे आवागमन ठप हो गया है। हर साल बाढ़ का दंश झेलने वाले रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव के कोहलचक बड़हरा के लोगों की दुश्वारियां इस साल भी राप्ती नदी के जलस्तर के बढ़ने से आरंभ हो गई हैं। गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। गांव को जाने वाले एकमात्र रास्ते पर कमर तक पानी लग गया है। रास्ते के एक तरफ ताल और दूसरी तरफ से राप्ती नदी होने के कारण लोगों को आने-जाने में हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती है। गांव के लोगों के आवागमन के लिए एक नाव की भी अभी तक व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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इसके अलावा रमवापुर नेबुआ गांव के पश्चिम में बने शाहपुर-भोजपुर बांध में करीब 500 मीटर का गैप होने के कारण नदी का पानी गांव में घुस गया है। गांव के सिवान में पानी भर गया है। फसलें पानी में डूब गई हैं। इसमें सबसे खराब हाल गांव में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरासिया का है। पिछले गई दिनों से अस्पताल परिसर में दो फीट पानी भर गया है। बीमार और उनके तीमारदारों को पानी में घुसकर अस्पताल में जाने की मजबूरी बन गई है। वह मरीजों को कंधे पर लेकर जाने को विवश हैं। वहीं अंदर पहुंचने के बाद अस्पताल में इलाज के लिए दिक्कत हो रही है। चिकित्सक विवश होकर मरीजों का दूसरे मंजिल पर इलाज कर रहे हैं। मरीजों के अलावा चिकित्सक भी पानी से परेशान हो चुके हैं। उनका कहना है कि जिस हिसाब से पानी बढ़ रहा है, कई दिनों तक इसी प्रकार से परेशानी से जूझना पड़ेगा।
बाढ़ के पानी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वहीं गांव में बने 132 केवीए विद्युत स्टेशन के गेट और परिसर में भी पानी भर गया है, जिससे वहां कार्यरत कर्मचारी जोखिम उठाकर स्टेशन के अंदर जा रहे हैं। गांव निवासी रामनेवास और रामशंकर ने बताया कि शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर उनके गांव के पास मोड़ पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। अक्सर बाइक वाले गड्ढे में फंस कर गिर रहे हैं। वहीं राहगीरों को भी पैदल पानी में घुसकर आने-जाने की मजबूरी बन गई है। लोगों ने गांव को मैरूंड घोषित करने की मांग की है। गांव वालों ने बांध के गैैैप को भी भरवाए जाने की मांग की है। लोगों ने बताया कि जब तक बांध का गैप समाप्त नहीं किया जाएगा, तब तक यह दुर्दशा होती रहेगी।
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इस संबंध में एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि बाढ़ और गांव की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग राप्ती नदी के जलस्तर पर अपनी नजर रखे हुए हैं। प्रशासन भी इस पर पूरी तरह से मुस्तैद है। बड़हरा गांव के लोगों के आने जाने के लिए ग्राम पंचायत में दो नाव की व्यवस्था है। जल्द ही इसे चलाने वाले नाविकों को सौंपकर उनका आवागमन सुगम बनाया जाएगा।
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