तुलसियापुर। गांव के बाहर निकलते ही रास्ते पर पानी ही पानी नजर आ रहा है। कहीं घुटने तक तो कहीं कमर भर पानी के बीच ग्रामीण मुख्य मार्ग तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहे हैं। नाव ही आवागमन का सहारा बनी हुई है।
कोई पशुओं के लिए चारा लेकर लौट रहा है तो कोई घर का जरूरी सामान लेने निकला है। कई जगह बाइक और साइकिल पानी में फंस रही हैं। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में मंगलवार को बाढ़ की यही तस्वीर नजर आई।
नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद पहाड़ी नदियों और नालों में आए उफान का असर सीमावर्ती गांवों में साफ दिखाई दे रहा है। बूढ़ी राप्ती और घोरही नदी के बढ़े जलस्तर से खैरी शीतल प्रसाद और तौलिहवा ग्राम सभा के आधा दर्जन से अधिक गांव और टोले पानी से घिरे हैं। गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले कई रास्ते पूरी तरह जलमग्न हैं। नकोलेडीह मार्ग पानी में डूबा मिला। शिवदुलारेडीह-चिरगहना मार्ग पर तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है। शिवदुलारेडीह, चिरगहना, पन्नापुर, मुरव्वनडीह और खैरी जाने वाले रास्ते भी पानी में डूबे हैं। तालकुंडा ग्राम सभा के तमकुहवा टोले और खैरी शीतल प्रसाद के पन्नापुर के बीच भी पानी भर गया है। तौलिहवा ग्राम सभा के इटहिया-झुंगहवा, इटहिया-बालानगर, लालपुर-कचरिहवा मार्ग पर बूढ़ी राप्ती का पानी बह रहा है। इटहिया-प्रतापपुर मार्ग भी जलमग्न है। झुंगहवा-इटहिया और झुंगहवा-गड़रखा मार्ग पर भी पानी बह रहा है। कठेला-तुलसियापुर मार्ग पर तिरछहवा गांव के पास पानी पहुंच गया है। बालानगर में कई घर कटान के खतरे की जद में हैं।
पानी से घिरे गांवों में रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो घरों में पानी घुस सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। रात में भी ग्रामीण पानी बढ़ने की आशंका में परेशान रहते हैं।
खैरी शीतल प्रसाद निवासी कोदई साहनी ने बताया कि गांव से निकलने वाले हर रास्ते पर पानी है। रात में पानी घरों में घुसने का डर बना रहता है। जितेंद्र निषाद ने बताया कि फिलहाल खाने की व्यवस्था है लेकिन पशुओं के चारे की समस्या बढ़ गई है। इटहिया गांव निवासी राजेंद्र साहनी, लाल खां और अशोक पासवान ने बताया कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अभी पानी रास्तों पर है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो जाएगी।
बाढ़ का असर खेतों पर भी दिखाई दे रहा है। शीतल प्रसाद, तौलिहवा और खैरी उर्फ झुंगहवा ग्राम पंचायत की सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूबी है। धान के अलावा उड़द, मूंगफली और सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बड़हरा में संपर्क मार्ग पर कटान का खतरा : डुमरियागंज। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़हरा गांव भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है। गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग कटान की जद में है।
ग्रामीणों को आशंका है कि मार्ग कटने पर सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा। सोमवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन प्रशासनिक अमले के साथ बड़हरा गांव पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तथा संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। स्थिति गंभीर होने पर प्रभावित लोगों के लिए राहत किट, लंच पैकेट समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। संपर्क मार्ग कटने पर ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की जाएगी।