- शहर समेत आसपास के क्षेत्र में हाईवे पर यातायात के मानक दरकिनार
- जिले के पांच स्थानों पर पटरी से उतरे वाहन, सात लोगों की बची जान
सिद्धार्थनगर। मौसम के करवट लेने के साथ ही अब घना कोहरा छाने लगा है। जिले में शीत लहर ने दस्तक दे दी है। इससे वाहनों की रफ्तार को भी धीमा कर दिया है। वहीं तेज रफ्तार से चलने वाले हादसे का शिकार होने लगे हैं। पिछले दिनों 10 दिन में कोहरे के चलते कई हादसे हुए, जिसमें सात लोग घायल हुए है, हालांकि इसमें किसी की मौत नहीं हुई है। वहीं रविवार सुबह बांसी में एक ट्रक खाई में पलट गया, जिसमें सभी सुरक्षित है। वहीं, रात में छाया कोहरा सोमवार सुबह सात बजे तक रहा। दिन चढ़ने के साथ कोहरा छटा तो फिर शाम पांच बजे से ही कोहरे का असर दिखने लगा। इससे लोग घर पहुंचने की जल्दी में नजर आए।
पिछले कई दिनों से शाम ढलते ही सड़क पर घने कोहरे का साया बढ़ने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दे रहा है जो सुबह देर तक छाया रहता है। रविवार शाम से सड़क पर कोहरे के चलते लोग लंबी दूरी की यात्रा से बचते दिखे। शहर के बाहर हाईवे पर कोहरे के धुंध के कारण आगे नहीं दिखने के चलते हादसे का खतरा बढ़ गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे का आलम यह था कि जिले के पांच स्थानों पर वाहन सड़क की पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि इन वाहनों में सवार सुरक्षित बच गए। बढ़े कोहरे और ठंड के कारण लोग सड़क पर निकलने से कतराते रहे।
रविवार रात को घने कोहरे का असर बढ़ गया था। वाहन की रोशनी में भी सामने दो से तीन मीटर दूरी तक नजर न आने से रफ्तार धीमी रखना चालकों की मजबूरी बन गया। जहां वाहन चालकों ने रफ्तार बढ़ाई, वहीं हादसा हो गया। घने कोहरे के चलते रविवार सुबह बांसी कोतवाली क्षेत्र के बेलबनवा के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में गिर गया, लेकिन इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। चालक सहित ट्रक में सवार सभी लोग सुरक्षित है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी व क्रेन की मदद से ट्रक को बाहर निकलवाने का कार्य शुरू कराया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे गड्ढे और मोड़ पर चेतावनी पट्टिका न होने से आए दिन यहां ऐसे हादसे होते रहते हैं।
नहीं दिख रहे रिफ्लेक्टर, सफेद पट्टी और सांकेतिक बोर्ड
शहर में नए बने अशोक मार्ग और पकड़ी हाईवे मार्ग समेत जिले कई प्रमुख सड़कों पर यातायात सुविधा और हादसे से बचाव के नियम दरकिनार हैं। सफेद पट्टी नहीं बनाई गई है, जिससे घने कोहरे में सड़क हादसे की आशंका बढ़ गई है। हादसों को रोकने के लिए सड़क किनारे पीली स्ट्रीट लाइट, सड़क पर सफेद पट्टी, डिवाइडर पर पीला, काला और सफेद रंग का पेंट लगाना अनिवार्य है। चौराहों पर सड़क किनारे रिफ्लेक्टर और रेड लाइट और सड़क के कट पर सांकेतिक चिह्न होने चाहिए जबकि जिले की कई प्रमुख सड़कों पर इसका अभाव दिखा। सफेद पट्टी नहीं होने से वाहन चालकों को कोहरे के दौरान बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि सड़क का अंदाज न हो पाने के कारण कई जगहों पर सड़क हादसे हुए हैं। वहीं, एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि अभी सड़क निर्माणाधीन है, संपूर्ण होने पर इस पर सुरक्षा मानक के अनुसार कार्य कराया जाएगा।
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शनिवार को एक ही स्थान पर दो हादसे
शनिवार रात को कोहरे और सड़क पर सफेद पट्टी नहीं लगे होने से शोहरतगढ़-चेतिया मार्ग पर शनिवार रात दो अलग-अलग हादसे हुए। ग्राम नकथर पुल के पास एक बाइक सवार कंबाइन मशीन की टक्कर से घायल हो गया। लोगों ने उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं घना कोहरा के कारण शनिवार देर शाम को शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चेतिया मार्ग पर ही अकरा मंदिर के पास एक बाइक सवार अनियंत्रित होकर सड़क पर खड़ी कंबाइन मशीन से टकरा गया। इससे वह चोटिल हो गया। स्थानीय लोग उसको इलाज के लिए सीएचसी शोहरतगढ़ पर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाॅक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां उसका इलाज चल रहा है।