डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर में शिया मुसलमानों के चौथे इमाम सैयदे सज्जाद की जयंती पर इमाम बारग
डुमरियागंज। हजरत इमाम हुसैन के बेटे और शिया समुदाय के चौथे इमाम हजरत सैय्यद सज्जाद की जयंती पर तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर में दो दिनों तक जश्न का कार्यक्रम चला। शनिवार की रात इमाम बारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी में जश्न-ए-सज्जाद का आयोजन हुआ। इसमें शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश किए। मौलाना शहकार हुसैन ने इमाम सज्जाद की जिंदगी और किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली।
अंजुमन गुंचा मातम के बैनर तले शनिवार की रात हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी में आयोजित जश्ने सज्जाद महफिल का आगाज कारी महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत करके किया। इसके बाद नात-ए-पाक पढ़ी गई। फिर शायरों द्वारा कलाम और कसीदा पढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक चला। कार्यक्रम में मेहमान शायर शुजा उतरौलवी, फराज, मौलाना फाजिल, नफीस हल्लौरी, बेताब हल्लौरी, शमशाद हल्लौरी, अफसर हल्लौरी, हसन जमाल, खुलुस, लकी, हैदरे आदि ने हजरत इमाम सज्जाद की शान में कलाम पेश किए। कार्यक्रम के अंत में जाकिर जमाल हैदर ने अपने संबोधन में कहा कि इमाम सैय्यदे सज्जाद ने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके मकसद और हक, सच्चाई और मानवता के पैगाम को दुनिया तक पहुंचाया और यजीदी लश्कर के हर जुल्म सितम को बर्दाश्त किया।
इस दौरान मो. मेहंदी, जमानत अब्बास, मेहंदी हैदर, अलमदार हुसैन, जानशीन अहमद, मनव्वर आदि मौजूद रहे।