- मोहाना थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान युवक के अपहरण और हत्या की कोशिश के आरोप में दर्ज है केस
- हाई सर्विलांस और सर्च ऑपरेशन से पुलिस को मिली सफलता, दो अन्य के भी मिले सुराग
सिद्धार्थनगर। मोहाना थानाक्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान रजनीश पटेल को अगवा करके हत्या की कोशिश के आरोपी दो सिपाहियों मनोज यादव और राजन सिंह को पुलिस ने हिमाचल से गिरफ्तार किया है। इन इनामी सिपाहियों की भागने की प्लानिंग शातिर अपराधी और चालाक पुलिसकर्मी की तरह रही। बिहार, मुंबई या किसी अन्य प्रदेश में शरण लेने के बजाय हिमाचल के मनाली को चुना। हालांकि तकनीक की रेस में पीछे रहे गए और हाई सर्विलांस व ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर पकड़ लिए गए।
सूत्राें का कहना है कि इस मामले में फरार दो अन्य आरोपी सिपाहियों मंजीत सिंह और अभिषेक गुप्ता के भी सुराग जांच टीम को मिल गए हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मनाली से शनिवार को जिले की पुलिस टीम ने मनोज और राजन को गिरफ्तार किया और उन्हें लेकर लौट रही है। अहम सुराग मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक चारों सिपाही साथ ही फरार हुए थे लेकिन एक साथ पकड़े न जाएं इसके लिए अलग-अलग रास्ता पकड़ा। दो हिमाचल से पकड़े गए जबकि दो अन्य ने दिल्ली और उत्तराखंड के आसपास शरण ली है। सूत्रों के मुताबिक इन आरोपी सिपाहियों के जानने वाले और हर करीबी पर जांच टीम की नजर थी। किसी माध्यम से संपर्क में आने के बाद सुराग मिला और कड़ी से कड़ी को जोड़ते हुए टीम मनाली तक पहुंच गई और उन्हें दबोचा लिया। असल में वारदात क्या हुई थी इनसे पूछताछ में इससे पर्दा हटेगा। बताया जा रहा है कि टीम उन्हें लेकर आ रही है और रविवार की रात तक पहुंच सकती है। अन्य टीमें भागे हुए आरोपियों की धरपकड़ में लगी हैं।
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दो आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो की तलाश जारी है। वह भी जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। इनके गिरफ्त में आने के बाद जांच और कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
- प्रशांत कुमार प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक
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नई पुलिसिंग से अपडेट, इसलिए पकड़ से रहे दूर
कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के चंपापुर गांव निवासी रजनीश के अपहरण और हत्या के प्रयास के चारों आरोपी राजन सिंह, मनोज यादव, अभिषेक गुप्त, मनजीत सिंह 2016 से 2018 बैच के हैं। जो शरीर से फिट होने के साथ-साथ नई पुलिसिंग की विधा के माहिर हैं। यही वजह थी कि भागने के बाद अपने ही विभाग को छकाने में 10 दिन तक कामयाब रहे। थोड़ी सी से राजन सिंह और मनोज यादव जांच टीम के चंगुल में फंस गए। वहीं, मनजीत और अभिषेक गुप्ता अभी भी पकड़ से दूर हैं। चारों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। उनके ऊपर अपहरण और हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया था। वहीं, एसओ रहे रोहित कुमार उपाध्याय को कार्रवाई में लापरवाही पर निलंबित किया जा चुका है।
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पीड़ित युवक की हालत स्थिर
कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के चंपापुर गांव निवासी रजनीश पटेल की हालत स्थिर है। बेहोशी की हालत में लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है। वहीं, वारदात के बाद लोगों का उसके घर पर आना-जाना लगा हुआ है। राजनीतिक दलों के लोगों के साथ ही आसपास गांव के लोग व रिश्तेदार आ-जा रहे हैं। परिवार के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार इलाज जारी है।
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यह है घटनाक्रम
22 अक्तूबर की रात में कपिलवस्तु में स्थित चंपापुर में रखी गई मां लक्ष्मी की मूर्ति के विसर्जन के लिए मोहाना पुल ले जाई जा रही थी। मूर्ति को रोकने की बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने रजनीश पटेल को अपनी बाइक पर बिठा लिया और लेकर चले गए। बाद में एक पेट्रोल पंप के पास वह गंभीर रूप से घायल स्थिति में बेहोश पड़ा मिला था। इसके बाद रजनीश को पहले बर्डपुर सीएचसी ले जाया गया वहां से माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में एक निजी अस्पताल में रजनीश का इलाज चल रहा है। इस मामले के आरोपी चारों सिपाहियों को भगोड़ा घोषित करने के साथ ही एसपी ने 25-25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है।