- महुलानी स्थित राम-जानकी मंदिर व संस्कृत विद्यालय में पूजन, गोष्ठी और आशीर्वाद कार्यक्रम
सकारपार। क्षेत्र के श्री समाधि बाबा स्थल राम-जानकी मंदिर और विद्या विनोद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, महुलानी में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। आचार्य इंद्रासन मिश्र के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में अध्यापकों, छात्र-छात्राओं और श्रद्धालुओं ने गुरु वंदन कर गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम-जानकी के पूजन-अर्चन और गुरु परंपरा के वंदन से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने गुरुजनों का तिलक कर, पुष्प अर्पित किए और चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति का वातावरण बना रहा।
आचार्य इंद्रासन मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन करते हैं और शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के बताए आदर्शों का पालन करते हुए चरित्रवान, अनुशासित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। वक्ताओं ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय परंपरा में गुरु की भूमिका को प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया और भारतीय संस्कृति, संस्कारों तथा गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण का संकल्प लिया। समारोह में विद्यालय के अध्यापक, छात्र-छात्राएं और क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।