शहर के ऑफिसर्स काॅलोनी में स्थित कांशी राम आवास में नाली के पास लगा हुआ वाटर सप्लाई का कनेक्शन
सिद्धार्थनगर। शहर के कई मोहल्लों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई होती है। ये पाइपलाइन गंदी नालियों और अन्य गंदे स्थानों से होकर गुजरती हैैं। इससे पानी की शुद्धता पर सवाल खड़े हो जा रहे हैं। अगर पाइप लीक हो जाती है तो लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंचता है। इससे बीमारी फैलने का डर लोगों को सताता रहता है।
शनिवार को नगरपालिका क्षेत्र के कई मोहल्लों की पड़ताल में सामने आया कि पानी की पाइपलाइन में हुए एक मामूली लीकेज से यहां भी मध्य प्रदेश के इंदौर जैसा हादसा कभी भी हो सकता है। काशीराम आवास में नाली और चहुंओर पसरे गंदे पानी के बीच लगी वाटर सप्लाई की टोटियां से शुद्ध पानी की उम्मीद बेमानी साबित हो रही है।
नगर पालिका क्षेत्र के ऑफिसर्स कॉलोनी वार्ड के काशीराम आवास में शुद्ध पानी के लिए मारामारी है। यहां पर वाटर सप्लाई की अव्यवस्था साफ नजर आ रही है। यहां सिर्फ ग्राउंड फ्लोर तक बिछाई गई पानी की पाइपलाइन की सार्वजनिक टोटियों से ही निजी पाइप को जोड़कर मोटर के माध्यम से पानी को घर के टंकी तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं शहर के आजाद नगर मोहल्ले में गंदगी से पटे नालियों के बीच बिछी पाइपलाइन के पानी का उपयोग करने को लोग मजबूर हैं।
यहां तक कि आसपास फैली गंदगी और दूषित पानी के चलते तीन साल पहले इस मोहल्ले के कई लोग बीमार पड़ गए थे, जो लंबे इलाज के बाद ही स्वस्थ हो सके थे।
शहर के दीपक चौरसिया, संदीप जायसवाल, मुन्ना तिवारी, मो. नईम आदि का कहना है कि वाटर सप्लाई के पानी के शुद्ध होने का भरोसा रहता है, इसलिए लोग इसे खाना बनाने व पीने के लिए भी उपयोग करते हैं।