फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: भाषा के पेच उलझी उज्बेकिस्तान की महिला की जांच... जानकार की तलाश

Sat, 03 Jan 2026 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
- 27 दिसंबर को ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी बॉर्डर से पकड़ी गई थी उज्बेकिस्तान की महिला
विज्ञापन

- चार माह पहले ही समाप्त हो गया था वीजा, कहां ली शरण, एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल
- उसके मंबूसे की जानकारी के लिए उज्बेकिस्तान की भाषा के जानकार की हो रही तलाश
सिद्धार्थनगर। बढ़नी बाॅर्डर से सुरक्षा एजेंसी के हाथ लगी उज्बेकिस्तान की महिला के मंसूबे और इरादे अब भी भाषा के पेच में उलझकर रह गए हैं। वास्तव में वह भटक कर चली आई थी या फिर साजिश के तहत पहुंची थी, इस बात को पुख्ता करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां हाथ-पांव मार रही हैं।
सूत्रों की मानें तो बाॅर्डर पर काम करने वाली कई एजेंसियां तहकीकात के लिए ऐसे भाषा के जानकार की तलाश में हैं, जिसे उज्बेकिस्तान की भाषा की जानकारी के साथ हिंदी या अंग्रेजी की भी जानकारी हो। उससे और महिला से आमना-सामना कराकर सुरक्षा एजेंसी असलियत को बाहर लाने के लिए हाथ-पांव मार रही है। इसके अलावा उसकी ट्रैवेल हिस्ट्री सहित अन्य जानकारी टीम जुटा रही हैं। फिलहाल विदेशी अधिनियम के तहत दर्ज मामले में वह जेल में हैं।
विज्ञापन

ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी बॉर्डर पर 27 दिसंबर को उज्बेकिस्तान की 32 वर्षीय महिला जर्निगोर तुखताबोएवा पकड़ी गई थी। संदेह होने पर एसएसबी के जवानों ने पूछताछ की तो उसका वीजा समाप्त हो चुका था। इसके बाद लिखापढ़ी करके ढेबरुआ पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करके उसे जेल भेज दिया। बिना वीजा पकड़े जाने के बाद सीमावर्ती इलाके में काम करने वाली कई जांच एजेंसी तहकीकात में जुट गईं। इसमें कई बिंदुओं की जांच शुरू हो गई। इसके साथ ही उसके इरादे, मंसूबे क्या थे, इसकी जानकारी करने में भाषा का पेच फंस गया है। उज्बेकिस्तान की भाषा के जानकार न होने से उनकी तलाश की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, महिला की गतिविधियों की कड़ी जोड़ने में कई एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं। भारत और नेपाल से दोनों देशों में उसने कहां-कहां और किन परिस्थितियों में समय बिताया, इसकी टाइमलाइन खंगाली जा रही है। वीजा खत्म होने के बाद चार माह तक उसका संपर्क कैसे और किन लोगों से रहा, यह भी जांच की जा रही है। एजेंसियों को उम्मीद है कि स्पष्ट संवाद होते ही यह तय हो सकेगा कि महिला वास्तव में भटक कर यहां पहुंची थी या फिर किसी संगठित योजना के तहत उसकी आमद हुई। सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट, मोबाइल/यात्रा संकेत, और स्थानीय संपर्क, हर बिंदु को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन

इस संबंध में एसओ ढेबरुआ नारायन लाल श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। भाषा के जानकार का भी सहयोग लिया जाएगा।
-


भारत में रहने के संकेत से बढ़ा जांच का दायराएक सप्ताह पहले 27 दिसंबर को बढ़नी बॉर्डर पर विशेष जांच के दौरान पकड़ी गई। नेपाल जाने की कोशिश में दस्तावेजों की जांच में खुला मामला को एजेंसियों के कान खड़े हो गए। डॉग स्क्वॉड और गहन पूछताछ के बाद एजेंसियां सतर्क हुई। दूसरा वीजा और शरण का सवाल, चार माह पहले समाप्त हो चुका था। वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रहने के संकेत से जांच का दायरा और बढ़ गया है। किन परिस्थितियों में मिली शरण, कौन मददगार था, इन बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें