- चीनी-तेल ने बिगाड़ा रसोई का हिसाब, मेवा भी पहुंच से बाहर
- गैस, कोयला और लकड़ी महंगी, मिठाई की लागत भी बढ़ी
सिद्धार्थनगर/बिस्कोहर। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई सजाने से पहले घर की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। 28 अगस्त को मनाए जाने वाले त्योहार में अब महज आठ दिन शेष हैं लेकिन बाजार में मिठाई और पकवानों की लागत पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गई है। चीनी, रिफाइंड तेल, खोवा और मेवे के दाम में भारी उछाल से त्योहार की थाली महंगी हो गई है। किशमिश के दाम करीब दोगुने हो गए हैं तो बादाम भी 200 से 300 रुपये किलो तक महंगा हो चुका है।
हलवाइयों के लिए भी मुश्किल बढ़ी है। कमर्शियल गैस सिलिंडर 1700-1800 रुपये से बढ़कर 2940 रुपये और कोयला 300-350 से बढ़कर 550-600 रुपये बोरा हो गया है। ऐसे में इस बार मिठाई और पकवानों के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। बिस्कोहर के किराना व्यवसायी रोहित कसौधन के मुताबिक थोक मंडियों से ही माल महंगा आ रहा है। पिछले साल 42-44 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 62-64 रुपये किलो है। 750 एमएल रिफाइंड तेल 120-140 रुपये से बढ़कर 175-200 रुपये हो गया है।
हलवाई विक्की मोदनवाल ने बताया कि कच्चे माल के साथ मिठाई तैयार करने की लागत भी बढ़ गई है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर अब 2940 रुपये में मिल रहा है। कोयला 300-350 से बढ़कर 550-600 रुपये बोरा और सूखी लकड़ी 600-700 से बढ़कर करीब 1200 रुपये प्रति कुंतल हो गई है। कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ी है। ऐसे में पिछले साल वाली कीमत पर मिठाई बेचना मुश्किल है।
बाजार में प्रमुख सामग्री के दाम
सामग्री
पिछले साल इस साल
चीनी
42-44 62-64
रिफाइंड तेल 750 एमएल 120-140 175-200
देसी खोवा
250-270 300-320
बादाम
800 1000-1100
किशमिश
240-250 400-500
मावा काजू
800-900 900-1000
मखाना
1200 800-900
नोट : रेट रुपये प्रति किलो में
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चीनी और रिफाइंड के दाम इस बार काफी तेज हैं। मेवों में मखाना ही सस्ता हुआ है जबकि किशमिश और बादाम के दाम काफी बढ़े हैं। थोक में महंगा माल मिलने से फुटकर कीमतें बढ़ी हैं। त्योहार के बावजूद छोटे दुकानदार भी सीमित मात्रा में ही स्टॉक उठा रहे हैं।
- मोहित कसौधन, किराना व्यवसायी, बिस्कोहर
खोवा, चीनी और मेवा महंगा होने के साथ ईंधन का खर्च भी बढ़ गया है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर 2940 रुपये का पड़ रहा है। कोयला और लकड़ी के दाम भी काफी बढ़े हैं। मजदूरी बढ़ने से पुरानी कीमत पर मिठाई बेचना संभव नहीं है।
- विक्की मोदनवाल, हलवाई, बिस्कोहर