- लोहा मंडी तिराहे पर मूर्ति स्थापना की परंपरा 1952 से कायम, सात दशक से अधिक समय से हो रहा आयोजन
बांसी। बांसी कस्बे में सोमवार को दुर्गा पूजा के अवसर पर पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कस्बे में 80 से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इनके दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शाम होते ही पंडालों में भक्तों की आवाजाही बढ़ गई। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए आयोजन समितियों के सदस्य सक्रिय रहे।
बांसी कस्बे में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना की परंपरा वर्ष 1952 में लोहा मंडी तिराहे से शुरू हुई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति, जिन्हें लोग पुरबिहा के नाम से जानते थे, ने यहां पहली बार मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की थी। वह लगातार 11 वर्षों तक मूर्ति स्थापना करते रहे। उनके जाने के बाद नगर निवासी महादेव प्रसाद ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। इसके बाद सच्चा प्रसाद, मोती मास्टर, अमर पंजाबी, बुद्धू प्रसाद सर्राफ और मक्खन अग्रहरि समेत अन्य लोगों ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली।
वर्ष 1988 से विजय कुमार वर्मा और वासुदेव अग्रहरि मूर्ति स्थापना के संचालन से जुड़े रहे। वर्ष 2010 से बबलू, कैलाश मोदनवाल, राम गोपाल अग्रहरि, रमेश मोदनवाल, गुड्डू बरनवाल, सत्यम कसेरा, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, विष्णु अग्रहरि और छोटू पासवान समेत अन्य लोग मिलकर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
लोहा मंडी तिराहे पर स्थापित होने वाली मां दुर्गा की मूर्ति कस्बे की पुरानी मूर्तियों में शामिल है। इसके दर्शन के लिए बांसी के साथ आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।