बिस्कोहर। नगर पंचायत बिस्कोहर के मधवापुर गांव स्थित माई मेढा दास मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ और संगीतमय पावन प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन शुक्रवार पंच कुंडीय यज्ञ संपन्न हुआ।
सुबह की पाली में शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आए विक्रम सिंह, गणेश पांडेय व दिनेश वर्मा ने गायत्री मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ में शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से यज्ञ में आहुतियां डालीं।
प्रज्ञा पुराण कथा में कथा व्यास सरजू प्रसाद बानप्रस्थी ने कहा कि भगवान की माया बहुत विचित्र है। वह तरह-तरह से मनुष्य को नचाती रहती है। इसके चक्कर में पड़कर मनुष्य 84 लाख योनियों में भटकता रहता है। उन्होंने संगीतमय प्रज्ञा पुराण की कथा सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों के दुखों को दूर करता है जो दूसरों के सुखों से सुखी होता है। वहीं, ईश्वर की कृपा का अधिकारी बनता है। मनुष्य जन्म ईश्वर का दिया हुआ उपहार है, यह बार-बार नहीं मिलता है। कर्मों के फल से कोई बच नहीं सकता। जो जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही फल मिलेगा। जीवन प्रत्यक्ष देवता है, जिसकी पूजा से सारे कार्य पूरे हो सकते हैं।