भनवापुर। साहेबपारा ग्राम पंचायत भवन में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई शुरू हुई। खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, ग्राम सचिव और बीएलओ मौजूद थे, लेकिन मतदाता नहीं पहुंचे। करीब ढाई घंटे चली सुनवाई में कुल 152 नोटिसधारी मतदाताओं में से सिर्फ छह लोग ही अपने दस्तावेज लेकर पहुंचे। अफसर लोगों का इंतजार करते रहा। 2:30 बजे तक पंचायत भवन का हाल यही रहा।
मौके पर पहुंचे ग्रामीण मैंसर अली ने बताया कि उनकी पत्नी शमसुन निसा का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज न होने के कारण नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने परिवार रजिस्टर की नकल प्रस्तुत कर अपना निस्तारण कराया। वहीं, अब्दुल्ला पुत्र बैतुल्लाह ने बताया कि एसआईआर फॉर्म भरते समय कुछ जानकारियां छूट गई थीं। सचिव के कहने पर वे दस्तावेज लेकर पहुंचे और उनका मामला निस्तारित कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मामलों में गंभीर विवाद नहीं, बल्कि तकनीकी और दस्तावेजी कमियां सामने आ रही हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं का न पहुंचना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
बीडीओ डॉ. विनोद मणि त्रिपाठी ने मौके पर बताया कि लगभग सभी नोटिस एक जैसी समस्याओं से जुड़े हैं। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है सिर्फ दस्तावेज लेकर आना है। 27 फरवरी तक हर हाल में शत-प्रतिशत निस्तारण कराया जाएगा। जो लोग नहीं पहुंचे हैं, उनके लिए अगली तारीख तय की जाएगी। समय रहते निस्तारण नहीं कराया तो नाम मतदाता सूची से हट भी सकता है। सुनवाई के दौरान ग्राम सचिव हरीराम चौधरी, नायब तहसीलदार इटवा राघवेंद्र पांडेय, बीएलओ विनोद कुमार, संजीव कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
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मौके पर क्या समस्याएं सामने आईं
- नो-मैपिंग नोटिस की जमीनी हकीकत
- पुराने वर्ष (2003/2006) की मतदाता सूची में नाम न मिलना
- परिवार रजिस्टर से नाम या उम्र का मेल न खाना
- एसआईआर फॉर्म में कॉलम खाली रह जाना
- पति-पत्नी के नाम या पते में अंतर
- पहचान व निवास संबंधी दस्तावेज न लगना
- फॉर्म भरते समय बीएलओ स्तर की तकनीकी त्रुटियां