फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: अक्तूबर से नवंबर के बीच होंगी अर्धवार्षिक परीक्षाएं, विद्यालयों को निर्देश जारी

Tue, 13 Oct 2026 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
- माध्यमिक विद्यालय में अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी करते विद्यार्थी
विज्ञापन

- माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में पूरी कराई जाएगी परीक्षा
- यूपी बोर्ड 2027 की तैयारी में जुटेंगे विद्यार्थी, कुछ विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू
सिद्धार्थनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से अक्तूबर के तीसरे सप्ताह से नवंबर के मध्य तक परीक्षाएं संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू भी हो गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने इस संबंध में विद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जनपद में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 200 से अधिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। अर्धवार्षिक परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति का आकलन किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम की कितनी तैयारी की है और किन विषयों में उन्हें अधिक मेहनत करने की जरूरत है।
विज्ञापन

आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 को देखते हुए अर्धवार्षिक परीक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी परखने और कमजोर विषयों को सुधारने का अवसर मिलेगा। विभाग ने विद्यालयों को निर्धारित अवधि में परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। विद्यालय अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा कार्यक्रम तय कर सकते हैं।
डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि अक्तूबर से नवंबर के मध्य अर्धवार्षिक परीक्षाएं संपन्न कराई जानी हैं। इस संबंध में विद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कुछ विद्यालयों में परीक्षा शुरू करा दी गई है।
विज्ञापन


पढ़ाई के साथ परीक्षा की तैयारी पर जोर
अर्धवार्षिक परीक्षा को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है। बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें अब तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम का दोहराव करने और विषयवार तैयारी पर ध्यान देने की जरूरत है। परीक्षा परिणाम से शिक्षकों को भी विद्यार्थियों के सीखने का स्तर समझने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर कमजोर विषयों में सुधार के लिए आगे की रणनीति बनाई जा सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें