मिश्रौलिया क्षेत्र के नागचौरी गांव में मृतक का शव घर पर रखकर गुस्से में परिजनो को समझाती पुलिस
- फोटो : संवाद
सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया क्षेत्र के नागचौरी गांव में रामकला निषाद की हत्या के पीछे वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। गांव के लोगों के मुताबिक मनबढ़ मुकेश झूठी शान में रामकला से रंजिश रखता था। झूठी शान के बदले की आग ने ही उसे दरिंदा बना दिया और शनिवार को खूनी खेल खेलते हुए उसने रामकला की हत्या कर दी। रामकला की पत्नी और बेटी पर भी जानलेवा हमला किया जिनका गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। रामकला के बेटे ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि वह क्रिकेट खेलकर लौट रहा था, रास्ते में मुकेश ने उस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए उसके पिता की हत्या कर दी, मां और बहन को भी लहूलुहान कर दिया। अचानक हुए विवाद में इतना बड़ा खूनी खेल ही वजह को लेकर सवाल उठा रहा है। गांव के लोग इसके पीछे पुरानी अदावत बता रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मुकेश के परिवार के लोग दिल्ली में रोजगार करते हैं। मुकेश भी दिल्ली में ही रहता था। मनबढ़ मुकेश दिल्ली में भी मारपीट करता था। गांव में दो लोगों से हुए विवाद में उसके खिलाफ केस भी दर्ज हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक दो साल पहले मुकेश के परिवार की एक लड़की घर छोड़कर किसी के साथ चली गई थी। मुकेश इसमें रामकला निषाद का हाथ मानता था और उससे रंजिश रखने लगा। उसने रामकला के परिवार की एक लड़की को परेशान करना शुरू कर दिया और बाद में वह उसे लेकर दिल्ली चला गया था। गांव के लोगों ने इस मामले में सुलह-समझौता करा दिया था। लड़की उस समय नाबालिग थी और मुकेश ने बालिग होने पर लड़की की शादी करने पर हत्या की धमकी दी थी। उस समय लोगों को लगा कि समय के साथ मामला शांत हो जाएगा लेकिन मुकेश बाद में भी लड़की को परेशान करता रहा।
वारदात के बाद लड़की को बाइक पर लेकर भागा : बताया जा रहा है कि शनिवार को मुकेश चाकू दिखाकर लड़की को जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने लगा। रामकला उसे बचाने के लिए दौड़े तो चाकू घोंपकर उनकी हत्या कर दी। उनकी पत्नी और बेटी को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वारदात के बाद मुकेश घायल लड़की को बाइक पर करीब 500 मीटर तक लेकर गया, फिर उसे छोड़कर भाग निकला।
सालभर पहले रामकला ने बचाई थी मुकेश की जान : सनकी और झगड़ालू प्रवृति का मुकेश अक्सर विवाद करता था। ग्रामीणों के मुताबिक करीब सालभर पहले मुकेश का झगड़ा नागचौरी गांव के ही दूसरे टोले के लोगों से हुआ था। लोगों ने उसे मारने के लिए दौड़ा लिया था। वह भागकर आया तो पड़ोसी और बिरादरी का होने के कारण रामकला ने उसे अपने घर में छिपा लिया था। लोग उसे ढूंढ़ते हुए पहुंचे तो रामकला ने टाल दिया था। हालांकि, इसके बाद भी सनकी मुकेश के भीतर की रंजिश की आग ठंडी नहीं हुई और शनिवार को उसने रामकला की जान ले ली।