सिद्धार्थनगर। बरातियों का स्वागत हो या फिर रस्म अदायगी, रिश्तों को जोड़ना हो या फिर नन्हें मेहमान का स्वागत, सभी मौकाें पर मुंह मीठा करने के लिए मिठाइयों को ही तवज्जो दी जाती है। मगर आपके क्षेत्र में मिलने वाली मिठाइयां कितनी शुद्ध हैं, इसको परखने के बाद ही मुंह को मीठा कराने की जरूरत है।
ऐसा इसलिए क्योंकि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पिछले सात महीने में दूध की बनी मिठाइयों के 31 सैंपल लिए गए। 17 की रिपोर्ट आई है, जिसमें आठ अधोमानक मिले हैं। वहीं बिना दूध की मिठाइयों के चार सैंपल में एक अधोमानक पाया गया है। ऐसे में सहालग में मिठाई खाने से पहले उसकी जांच कर लें, ऐसा न करने पर सेहत पर असर पड़ेगा।
सहालग शुरू होने के साथ ही मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। दूध का उत्पादन कम होने और बड़े पैमाने पर खपत के बाद भी मिठाइयां बनाई जा रही हैं। आप ऑर्डर दीजिए तो यहां पर केमिकल युक्त पाउडर से छेना मिठाई तैयार कर दे दी जाएगी।
शादी-विवाह के सीजन में दरवाजे पर बरातियों के लिए तरह-तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं। कुछ लोग तो घर पर ही मिठाई बनवाते हैं लेकिन कुछ लोग बाजार से मिठाई खरीदना पसंद करते हैं। अगर आप बाजार से मिठाई खरीद रहे हैं तो सावधान रहें। क्योंकि इस समय बाजार में मिलावटी मिठाई को खपाया जा रहा है, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
सहालग का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं जो मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत की परवाह तक नहीं करते। दूध और उससे बनने वाले मावा और पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। जिले में मिलावटखोरी का धंधा नया नहीं है। दूध का उत्पादन लगभग 20 हजार लीटर के करीब है जबकि पनीर की डिमांड 150 क्विंटल तक पहुंच गई है। साथ ही मिठाई में खोआ की जरूरत होती है।
सात महीने में नौ मिठाई की रिपोर्ट अधोमानक: एक अप्रैल से अक्टूबर तक खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाइयों के 44 सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इसमें दूध की बनी मिठाइयों के 31 सैंपल लिए गए। 17 की रिपोर्ट आई है, जिसमें आठ अधोमानक मिले हैं जबकि बिना दूध की मिठाइयों के 13 में चार सैंपल की रिपोर्ट आई है, इसमें एक अधोमानक मिला है।
वहीं इस दौरान नौ वाद दायर हुए हैं जबकि 13 निस्तारण हैं। इसे बेचने वाले दुकानदारों पर एक लाख 77 हजार रुपया का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं बीना दूध की मिठाई में दो वाद दायर हुए हैं। पांच में 73 हजार का अर्थदंड लगाया गया है।