- नगर के राजकीय इंटर कॉलेज नौगढ़ में प्रोजेक्टर के जरिए विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास में पढ़ाया जा रहा है।
- 800 से अधिक विद्यार्थियों वाले विद्यालय में डिजिटल माध्यम से कठिन विषयों को आसान तरीके से समझाने का प्रयास
सिद्धार्थनगर। राजकीय इंटर कॉलेज नौगढ़ में पढ़ाई करने की स्मार्ट हो गया है। अब यहां बच्चों को स्मार्ट क्लास के जरिये शिक्षा दी जा रही है। किताब और ब्लैक बोर्ड की जगह स्मार्ट बोर्ड पर भविष्य संवारने का पन्ना खुल रहा है। इससे पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों को दृश्य और उदाहरणों के साथ समझाया जा रहा है, जिससे बच्चों के लिए कठिन अध्याय भी आसानी से समझ में आ रहे हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चे आसानी से समझ सके इस पर जोर दिया जा रहा है। विद्यालय में मौजूदा समय में 800 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अब विद्यालय में स्मार्ट क्लास में शिक्षकों की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रोजेक्टर के माध्यम से विषय से संबंधित चित्र, चार्ट, मानचित्र और अन्य शैक्षिक सामग्री दिखाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों की कक्षा में रुचि बढ़ाने के साथ ही विषय को लंबे समय तक याद रखने में भी मदद मिल रही है।
शिक्षकों का कहना है कि स्मार्ट क्लास में बच्चों को पढ़ने के साथ ही उनके सोचने और समझने की क्षमता विकसित हो रही है। इसमें विषय के हिसाब से पढ़ाया जाता है।
इस संबंध में प्रधानाचार्य दयाशंकर यादव ने बताया कि विद्यालय में स्मार्ट क्लास संचालित किया जा रहा है। बच्चे पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं। इसके साथ ही विद्यालय में शैक्षिक गतिविधि का और बेहतर बनाने के दिशा में कई काम हो रहे हैं।
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अलग तरीके से समझाए जाते हैं कठिन विषय
शिक्षकों के मुताबिक कई ऐसे विषय होते हैं, जिन्हें केवल किताब या बोर्ड पर समझाना विद्यार्थियों के लिए कठिन होता है। स्मार्ट क्लास में इन्हीं विषयों को डिजिटल सामग्री के जरिए उदाहरण सहित समझाया जाता है। शिक्षक पहले विषय की जानकारी देते हैं और इसके बाद प्रोजेक्टर के माध्यम से संबंधित सामग्री दिखाकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हैं। स्मार्ट क्लास में तकनीक का इस्तेमाल शिक्षकों की देखरेख में किया जाता है। शिक्षक विषय के अनुरूप डिजिटल सामग्री का चयन करते हैं और विद्यार्थियों को उसके माध्यम से जानकारी देते हैं। पढ़ाई के दौरान बच्चों से सवाल-जवाब भी किए जाते हैं, जिससे उनकी सहभागिता बनी रहती है।
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बन रहा है स्मार्ट लैब
राजकीय इंटर कॉलेज में जल्द ही बच्चों को प्रयोग के लिए स्मार्ट लैब मिल जाएगा। लैब बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके तैयार होते ही विज्ञान के प्रायोगिक पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे बच्चों को प्रायोगिक परीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। प्रैक्टिकल किए रहेंगे तो परीक्षा आसानी हो जाएगी।