सिद्धार्थनगर। गांव की चौपाल अब सिर्फ पंचायत, खेती या सरकारी योजनाओं की चर्चा तक सीमित नहीं रह गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित होने वाली चौपालें अब महिलाओं और किशोरियों के लिए कानूनी जागरूकता की पाठशाला बनती जा रही हैं।
यहां उन्हें घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा कानून, हेल्पलाइन और आत्मरक्षा जैसे विषयों की जानकारी दी जा रही है। इसका असर यह है कि पहले जो महिलाएं सार्वजनिक बैठकों में बोलने से हिचकती थीं, अब वे खुलकर सवाल पूछ रही हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं।
जिले के विभिन्न गांवों में महिला पुलिस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहू और स्वयं सहायता समूहों की सदस्य नियमित रूप से चौपालों का आयोजन कर रही हैं। इन बैठकों में किशोरियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर ठगी से बचाव, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा और महिलाओं से जुड़े कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही 1090, 112, 181, 1076 और 1930 जैसी हेल्पलाइन के बारे में भी बताया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र भी बने जागरूकता के मंच : आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित बैठकों में किशोरियों को गुड टच-बैड टच, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के साथ-साथ कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी जा रही है। अभिभावकों को बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जोर : मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए चौपालों में साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं और किशोरियों को फर्जी कॉल, ओटीपी साझा न करने, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया ब्लैकमेल से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं।