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मौसम का बदलाव लोगों को कर रहा बीमार

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मौसम का बदलाव लोगों को कर रहा बीमार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम में बदलाव (दिन में कड़ी धूप रात में गर्मी और सुबह की ठंड) लोगाें को बीमार कर रहा है। शनिवार को बुखार, जुकाम, डायरिया पीड़ित तीन सौ से अधिक बच्चे जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। ओपीडी से जनरल वार्ड तक इन रोगियों की संख्या अधिक है। चिकित्सक इसे मौसम का बदलाव बता रहे हैं।
बारिश और बाढ़ में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ा था। इसी बीच बीमारी की रफ्तार कम हुई तो अब एकाएक मौसम में बदलाव होने लगा। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जरा सी चूक से बच्चे सर्दी, बुखार के साथ निमोनिया के शिकार हो जा रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी के साथ ही जनरल वार्ड में भी मौसमी बीमारी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक के कक्ष के बाहर देखी गई। यहां पर अधिकांश बच्चे सर्दी और तेज बुखार के शिकार पाए गए। फिजीशियन डॉ.सीबी चौधरी के कक्ष के बाहर दोपहर दो बजे तक भीड़ लगी रही। उन्होंने बताया मरीज जुकाम, बुखार के साथ खांसी के पीड़ित आ रहे हैं। इन्हें दवा के साथ ही जांच की सलाह दी जा रही है। यही हाल अन्य कक्षों में भी देखा गया। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि अस्पताल में जो भी जांच और सुविधाएं हैं, उसमें मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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आईसीयू में भर्ती हैं दस बच्चे
जिला अस्पताल में आईसीयू वार्ड 15 बेड का है। मौजूदा समय में यहां 10 बच्चे भर्ती हैं। इसमें निमोनिया और झटके के साथ बुखार से ग्रसित है। दो से तीन दिन लापरवाही बरतने पर इस प्रकार की दिक्कत आ रही है। फिलहाल बच्चों की स्थिति में सुधार है।
24 घंटे पहुंचे 10 मरीज
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के आंकड़े के मुताबिक 24 घंटे में कम से कम 10 मरीज तेज बुखार के पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों में तेज बुखार की शिकायत है। तात्कालिक इलाज के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया जा रहा है।
900 ने कराया पंजीयन
शनिवार को इलाज के लिए 910 लोगों ने पंजीयन कराया। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। हालांकि शनिवार होने के कारण यह संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा संख्या कम थी।
अधिकांश बच्चों में मिल रही ये शिकायत
जरा सी लापरवाही बच्चों को बीमार बना दे रही है। इस समय बीमार होने वाले बच्चे के शरीर में दर्द, खांसी और जुकाम होना, बार-बार छीकें आना, लगातार नाक से पानी बहना, अधिक ठंड लगना, सिर दर्द होना, जी मिचलाना और उल्टी होना, बच्चे का सुस्त एवं कमजोर पड़ जाना, बच्चों में चिड़चिड़ापन आ जाता है, लगातार रोते रहना, आंखों में जलन होना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, तापमान 100 से103 डिग्री तक रहना, खांसत-खांसते उल्टी होना आदि दिक्कतें आ रही हैं। यह निमोनिया का लक्षण है।
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छोटे बच्चों पर दें विशेष ध्यान
मौसम में बदलाव से सभी को सावधान रहने की जरूरत है। इसमें खासकर छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि दिन में तेज धूप हो रही है। रात में गर्मी होती है और सुबह में ठंड महसूस हो रही है। यह बच्चों के लिए बहुत घातक है। ऐसे में छोटे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। उन्हें सुबह खुले में न ले जाएं और अगर बुखार और जुकाम की शिकायत होती है तो तत्काल चिकित्सक पास ले जाएं।
- डॉ. संजय सिंह, बालरोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर।
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