शोहरतगढ़ का छात्र यूक्रेन से दिल्ली पहुंचा
परिजनों को सकुशल स्वदेश पहुंचे की सूचना दी
-रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण चिंतित हैं लोग
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ कस्बे का एक छात्र यूक्रेन से दिल्ली पहुंच गया। उसने फोन कर अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। वहीं, छात्र-छात्राओं के दल के दिल्ली पहुंचने की खबर से परिजनों ने राहत की सांस ली। अभी छात्र-छात्राओं को यूक्रेन से बाहर निकालने की कोशिश हो रही है।
शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार यूक्रेन से सटे रोमानिया बॉर्डर पर कई दिनों से फंसे हुए विद्यार्थी बुधवार को दिल्ली पहुंच गए, उनमें से एक छात्र शोहरतगढ़ कस्बा निवासी खान मोहम्मद यूसूफ ने मोबाइल फोन के जरिए अपने पिता शकील खा व चाचा वकील खान को बताया कि वह भारत गया है। उसके साथ लगभग दो सौ छात्र दिल्ली पहुंच गए। यह सुनकर परिजनों ने राहत महसूस की। चाचा वकील खां ने यूक्रेन में फंसे हुए छात्र को सही सलामत पहुंचे की दुआ मांगी। भारतीय दूतावास की मदद से विद्यार्थियों को रोमानिया एयरपोर्ट पहुंचाया गया।
पोलैंड बॉर्डर पर बढ़ी भीड़
भवानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार यूक्रेन और रूस युद्ध से भारत के कई शहरों के होनहार छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। वे धीरे-धीरे अपने देश वापस आ रहे हैं।
भवानीगंज क्षेत्र के दो गांव के मेडिकल कोर्स की पढ़ाई कर रहे छात्र अपने घर वापस आ रहे हैं। भड़रिया दलमीर डीह निवासी अखलाक अहमद के भाई अशफाक ने बताया कि बुधवार करीब दो बजे अखलाक ने बताया कि वे सुरक्षित हैं, ट्रेन से लबीब पहुंचने वाले हैं, लबीब से पोलैंड बॉर्डर जाएंगे। सुनने में आया है कि पोलैंड बॉर्डर पर भीड़ बहुत है। लोग धक्का-मुक्की भी कर रहे हैं। बनगवां नानकार निवासी राहुल पांडे के भाई महेंद्र प्रताप पांडे ने बताया राहुल से बातचीत हुई है। वे लबीब पहुंच चुके हैं। वे रोमानिया जा रहे हैं, राहुल मैसेज के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं। वह अपने देश अपने वतन वापस आ रहा है।
छात्रों की वापसी से कम हुई चिंता
बांसी। यूक्रेन पर हो रहे रूसी हमले से वहां फंसे मेडिकल छात्रों के सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाने से परिजनों की चिंता अब कम हो गई है। नगर के आजाद नगर वार्ड के सुशांत पांडेय यूक्रेन में एमबीबीएस के छात्र हैं। इनके पिता चंद्रशेखर पांडेय ने बताया कि उनका पुत्र यूक्रेन का बार्डर पार कर रोमानिया एयरपोर्ट पहुंच चुका है। संभावना है कि रात में भारत आने की फ्लाइट मिल जाएगी।
उन्होंने बताया कि सुशांत को यूक्रेन से सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाने से अब चिंता कम हो गई है। पटेलनगर वार्ड निवासी डॉ. कमर हफीज ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अब उनकी पुत्री हुमैरा चौधरी यूक्रेन बार्डर पार करके रोमानिया एयरपोर्ट पहुंचकर हास्टल में है। उन्होंने बताया कि जल्द ही फ्लाइट मिलने की संभावना है। आजादनगर वार्ड निवासी जाहिद हसन के पिता डॉ. असलम भी अपने पुत्र के यूक्रेन से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने से अब राहत महसूस कर रहे हैं और उन्हें जल्द ही पुत्र के सुरक्षित वतन वापसी की उम्मीद है।