उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन जिला इकाई की बैठक मंगलवार को सिंहेश्वरी मंदिर परिसर में हुई। इसमें समस्याओं का समाधान न होने पर शासन-प्रशासन के रवैये के प्रति असंतोष जताते हुए आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई। 11 जुलाई को लखनऊ पहुंचकर संविदा मुक्ति रैली को सफल बनाने का निर्णय लिया।
बैठक में जिलाध्यक्ष कुलदीप दुबे ने कहा कि पिछली बार आंदोलन के बाद मांगे शीघ्र पूरी करने का आश्वासन मिला था। पर्याप्त समय बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। इसके विरोध में 25 जून से रमाबाई अंबेडकर मैदान लखनऊ में चल रहे संविदा मुक्ति रैली में 11 जुलाई को जिले के सभी रोजगार सेवक प्रतिभाग करेंगे।
उन्होंने कहा कि रोजगार सेवकों की फाइल मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच चुकी है। प्रदेश नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है कि जब तक रोजगार सेवकों को नियमित नहीं किया जाएगा तब तक रमाबाई अंबेडकर पार्क स्थल नहीं छोड़ेंगे। संगठन मंत्री दिलीप कुमार पांडेय ने कहा कि रोजगार सेवकों के प्रति सरकार की मंशा ठीक नहीं है। इसी तरह बसपा सरकार ने भी रोजगार सेवकों पर लाठी चार्ज करवाया था, जबकि सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो दिसंबर 2010 को यह बयान दिया था कि यदि सपा सरकार बनी तो रोजगार सेवकों को नियमित कर दिया जाएगा।
सरकार बनते ही वह भी अपने वादे से मुकर गए। बैठक में सतीश चंद्र, आलोक पांडेय, अखिलेश मौर्या, सोहन लाल यादव, सुनील, रामप्रकाश मिश्र, विजय दुबे, रामसूरत यादव, प्रदीप चौधरी, राजकुमार आदि मौजूद रहे।