बढ़नी क्षेत्र के घेराही नदी के घाट से अवैध बालू खनन करते लोग।
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ढेबरुआ थाना क्षेत्र में इन दिनों नदियों से अवैध बालू खनन का कार्य जोरों से चल रहा है। भोर में ही घाट पर बालू लादने के लिए खड़ी बैलगाड़ी देखी जा सकती है। बेरोक-टोक चल रहे इस अवैद्य खनन के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। जबकि अवैध बालू खनन होने से सरकार को भारी राजस्व की क्षति होती है।
जानकारी के अनुसार घोराही नदी के किनारे ढेबरुआ थाना क्षेत्र के जलापुरवा, गोनहा, बरगदवा, टीसम आदि गांवों से खुलेआम अवैध बालू का खनन हो रहा है। सूत्रों के अनुसार काफी दिनों से बालू खनन का लाइसेंस निरस्त होने के कारण बालू माफियाओं के अच्छे दिन फिर से आ गए हैं।
ये बालू माफिया प्रतिदिन नदी के घाट से बैलगाड़ी पर बालू लादकर क्षेत्र के गांवों में बेंच रहे हैं। दो माह पूर्व उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ ने बरगदवा और डढ़उल से बालू से लदी आठ बैलगाड़ियों को पकड़ा था और इनमें पांच बैलगाड़ी जुर्माना देकर छूट गई थी।
बावजूद इसके धड़ल्ले से हो रहे अवैध बालू खनन पर अंकुश लगाने में स्थानीय पुलिस नाकाम साबित हो रही है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि स्थानीय पुलिस के संरक्षण में बालू माफिया चांदी काट रहे हैं। इस अवैध कारोबार के जारी रहने के कारण सरकार को लाखों के राजस्व की क्षति हो रही है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ सुरेंद्र नाथ मिश्र का कहना है कि कुछ दिनों पहले मैंने सुबह ही छापा मारकर बालू लदी कुछ बैलगाड़ियों को पकड़ कर पुलिस को सौंपा था। यदि ऐसा है तो फिर से जांच कराकर अवैध खनन पर अंकुश लगाया जाएगा।