खुनुवां। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को खुनुवां क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह बाल श्रम के विरुद्ध आवाज उठाए और बच्चों को शिक्षित और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
लोगों को बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित कानूनों, बाल अधिकारों और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही सभी को बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी दिलाया गया। बच्चों का स्थान विद्यालय में है न कि श्रम स्थलों पर। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद और सर्वांगीण विकास के अवसर मिलना चाहिए। लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल श्रम की घटना दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें और बाल अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का समापन बाल श्रम मुक्त भारत के संकल्प के साथ हुआ।
कार्यक्रम में प्रमोद कुमार चौधरी, विपुल कुमार तिवारी, नीतू भारती, रुना देवी, शिवा आदि मौजूद रहे।