संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। किसी दिन धूप तो किसी दिन गलन से ठंड में लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। इससे दमा, सांस, बीपी, निमोनिया सहित अन्य गंभीर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में मंगलवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई, जबकि इसमें सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम, बुखार के साथ दमा व निमोनिया से पीड़ित रहे।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्रतिदिन 20 से 25 मरीज सांस की बीमारी के आ रहे हैं, जबकि एसएनसीयू व पीआईसीयू में निमोनिया से ग्रसित बच्चे अधिक आ रहे हैं।
कोहरे की धुंध के बीच सुबह से शाम ढलते ही शीतलहर मरीजों पर खास असर डाल ररी है। नौनिहालों के साथ बुजुर्ग व महिलाएं भी बीमार हो रही हैं। बच्चों में ठंड से जहां जुकाम, खांसी, वायरल, निमोनिया की बीमारी बढ़ रही है, वहीं बुजुर्गों में सांस फूलने और महिलाओं को सिरदर्द- पेटदर्द व वायरल फीवर हो रहा है।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के सभी ओपीडी में 50 से 60 मरीजों की कतार लगी थी, लेकिन गंभीर रूप से बीमार मरीजों को वार्डों में ठंड सता रही है। डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि ठंड की वजह से दमा से पीड़ित बुजुर्गों में सांस फूलने की शिकायतें आ रही हैं, जिस पर उन्हें मार्निंग वॉक न कर आराम करने की सलाह दी गई है।
बालरोग चिकित्सक डॉ. नम्रता चौधरी ने बताया कि ठंड में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। ठंड में बच्चों के हाथ-पैर व कान ढककर रखने चाहिए और खानपान में विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चों को ठंड न लगे।
क्योंकि जुकाम व निमोनिया से बच्चों की पस्लियां चलने लगती हैं। इसलिए उन्हें गुनगुने पानी से स्नान कराएं।
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