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संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। बांसी तहसील क्षेत्र के बांसी-धानी मार्ग पर कई जगह सूखे पेड़ जर्जर हालत में खड़े हैं। जो तेज हवा चलने पर आंधी के साथ कभी भी टूट कर सड़क पर गिर सकते हैं। इससे सड़क पर आवागमन करने वाले राहगीरों को खतरा हो सकता है। लेकिन जिम्मेदार इससे अनजान हैं।
सड़क के दोनों तरफ छाया एवं पर्यावरण के दृष्टिकोण से छायादार वृक्ष लगाए गए थे। ताकि सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को धूप से निजात मिल सकने के साथ ही पर्यावरण की शुद्धता बनी रहे। मगर कुछ पेड़ काफी पुराना होने की वजह से अब सूखकर जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। जो कभी भी तेज हवा या आंधी आने पर टूटकर सड़क पर आवागमन करने वालों पर गिर सकते हैं। जो एक खतरे का संकेत है।
बांसी-धानी मार्ग पर कुदारन, तिवारीपुर, पटखौली, गोहर, नेवटा आदि जगहों पर सड़क के बगल सूखे जर्जर पेड़ खड़े हैं। क्षेत्र के सूर्य नाथ त्रिपाठी, करिमुल्लाह, राम सावरे शर्मा, अमरनाथ मिश्र, राजदेव निषाद, राजू सिंह, ओम प्रकाश आदि ने सूखे जर्जर पेड़ों से खतरा जताया हैं। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उनका फोन नहीं उठा।