सिद्धार्थनगर। पुलिस की आरक्षी भर्ती लिखित परीक्षा-2025 दूसरे दिन मंगलवार को भी शांतिपूर्ण सकुशल संपन्न हुई। जिले के नौ केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हुई। परीक्षा देकर निकलने वाले बच्चों में बताया कि तैयारी के हिसाब से सवाल पूछे गए थे। तर्कशक्ति के सवालों ने बच्चों के तैयारी की गणित को उलटा कर दिया।
इस दौरान शोहतगढ़ में छात्रा की तबीयत बिगड़ गई, जिसने प्राथमिक इलाज के बाद फिर से परीक्षा दी। वहीं, अशोक मार्ग पर हादसे में महराजगंज का एक छात्र दीपक कन्नौजिया घायल हो गया। आंकड़ों के मुताबिक दोनों पाली में पहले दिन 7440 बच्चे पंजीकृत थे। हालांकि, परीक्षा कितनों बच्चों ने छोड़ा, इसके बारे में प्रशासन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं, परीक्षार्थियों ने बताया कि तर्कशक्ति के सवालों ने तैयारी का गणित बिगाड़ दिया। दो घंटे के पेपर में तर्कशक्ति के सवालों ने उलझाए रखा।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने मंगलवार को प्रथम पाली की परीक्षा का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र बुद्ध विद्यापीठ इंटर कॉलेज पहुंचकर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिले में विभाग में आरक्षी पद पर हो रही तीन दिवसीय परीक्षा के दूसरे दिन केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही अभ्यर्थी पहुंच गए थे। जिले के बाबा हरिदास इंटर कॉलेज उसका, बुद्ध विद्यापीठ इंटर काॅलेज बर्डपुर, जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई, जवाहर लाल नेहरु स्मारक इंटर कॉलेज नौगढ़, मुस्लिम इंटर काॅलेज महदेईया, रतनसेन इंटर काॅलेज बांसी, शिवपति इंटर कॉलेज और शिवपति पीजी कॉलेज शोहरतगढ़, तिलक इंटर कॉलेज बांसी को सेंटर पर तय समय पर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 3 से शाम पांच बजे तक दूसरी पाली की परीक्षा हुई। एक पाली में 3720 बच्चे पंजीकृत थे।
अभ्यर्थी गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही इंट्री शुरु हुई सभी लाइन में लग गए और एक-एक बच्चों को प्रवेश देना शुरू किया गया। इसमें पहले आधार का सत्यापन किया गया। प्रवेश पत्र की जांच की गई। इसके बाद उन्हें परीक्षा कक्ष में भेजा गया।
स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक के अलावा स्पेशल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तय समय पर परीक्षा शुरू हुई। केंद्र पर सुरक्षा और चेकिंग होती रही। वहीं, बीच-बीच में स्पेशल मजिस्ट्रेट निरीक्षण करके जायजा लेते रहे। इसके अलावा डीएम शिवशरणप्पा जीएन और एसपी डॉ. अभिषेक महाजन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करके जायजा लिया।
धूप ने बढ़ाई मुसीबत, परिजन बाहर करते रहे इंतजार : परीक्षा जिले के नौ केंद्रों पर थी, धूप कड़ी थी। केंद्रों के आसपास कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए परीक्षा दिलाने के लिए अभिभावक इधर- उधर छांव की ठांव तलाशने में लगे रहे। जहां थोड़ी सी छांव थी, वहां लोग की भीड़ जुटी। वहीं, दुकान और मकान मिला था, वहां पर लोगों की भीड़ दिखी। कुशीनगर के बेटी की परीक्षा दिलाने के लिए आए राकेश गौड़ ने कहा कि परेशानी तो हुई लेकिन बेटी सफल हो जाएगी। यह उम्मीद करते हैं।