उसका बाजार। भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नगर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के बार-बार आने-जाने से घरेलू कामकाज के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर क्षेत्र में प्रतिदिन सात से आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है। कई गांवों में 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न रहने से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। दिनभर की तपिश के बाद रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है।
बिजली कटने पर पंखे, कूलर और अन्य बिजली के उपकरण बंद हो जाते हैं, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई इलाकों में लोग घरों के बाहर और छतों पर समय बिताने को मजबूर हैं।
बिजली संकट का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। मोटर और सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाने से लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। धान की नर्सरी तैयार करने का समय चल रहा है लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पंकज अग्रहरि, कल्लू, सुधाकर साहनी, संजय जायसवाल, आशीष और सुनील सहित अन्य लोगों ने भीषण गर्मी के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
क्या बोले जिम्मेदार
- उपखंड के जूनियर इंजीनियर कायम सिंह ने बताया कि वर्तमान में बिजली की मांग बढ़ने से फॉल्ट की संख्या भी बढ़ गई है। फॉल्ट ठीक करने के लिए कई बार शटडाउन लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।