तुलसियापुर। नेपाल से सीमावर्ती व बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। रात में लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। साथ ही पेयजल के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने सांसद, विधायक व डीएम से बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल करवाने की अपील की है।
बढ़नी व शोहरतगढ़ ब्लॉक के लगभग 100 से अधिक गांवों व टोलों में ढेबरुआ विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। परसा व रामनगर दो फीडर हैं। मौजूदा समय भीषण गर्मी व उमस का है। अभी कुछ दिन पहले ही बाढ़ की समस्या से लोगों ने निजात पाई है। कुछ गांव भारत-नेपाल सीमा पर भी स्थित है। बिजली का आलम तो यह है कि पूरे दिन व पूरी रात बिजली कटौती होती रहती है।
परसा फीडर पर सुबह पांच बजे बिजली कटती है तो पौने सात बजे या सात बजे तक आती है। फिर कई बार कटते हुए दो बजे तक रहती है। लेकिन दो बजे के बाद फिर जब कटती है तो रात में दस बजे तक आती है और जाती है। उसके बाद पूरी रात में आठ से दस बार कटती है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल कलाम, अजय वरुण, हेमंत शुक्ल, कोदई साहनी, आशुतोष शुक्ल, रामदेव गुप्ता, रामलाल यादव आदि ने सांसद, विधायक व डीएम से बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल करवाने की मांग की है।
इस संबंध में पीवीवीएनएल के जेई सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि एक तो ऊपर से ही रोस्टिंग के कारण बिजली कटौती हो रही है। दूसरे परसा फीडर का क्षेत्र काफी लंबा होने के कारण फाल्ट अधिक होता है, इस कारण भी बिजली कट रही है।
रात में बिजली की अधिक कटौती की जा रही है। दिन में दो बजे के बाद तो कितनी बार बिजली कटती है, कोई गिन भी नहीं पाएगा। रात में भी एक से डेढ़ घंटे लगातार बिजली कटती है। करीब एक महीने से यही सप्लाई बनी हुई है।
डॉ. अब्दुल कलाम, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि
रात में बिजली कटौती से लोगों की नींद नहीं पूरी हो रही है। एक तरफ उमस व गर्मी और दूसरी ओर बिजली ने तो हालत खराब कर दिया है। शिकायत के बाद भी लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-रामदयाल, विद्युत उपभोक्ता