यूक्रेन में फंसे छात्रों के अभिभावक चिंतित
सिद्धार्थनगर। यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के परिवार के लोग चिंतित हैं। युद्ध शुरू होने के बाद टीवी पर उनकी नजरें टिकी रहती हैं। अभिभावकों के आंखों से आंसू आ रहे हैं, वे सलामती की दुआ कर रहे हैं। वीडियो कॉल के माध्यम से छात्र-छात्राओं से बात होने पर तसल्ली मिल रही है। वे चाहते हैं कि जल्द ही उनके बच्चे घर आ जाएं।
शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार शोहरतगढ़ कस्बे के निवासी शकील खां के बड़े पुत्र खान मोहम्मद युसूफ पिछले पांच साल से यूक्रेन के इवानो फेकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। रूस और यूक्रेन में युद्ध छिड़ जाने से युसूफ के परिजन घबड़ा गए हैं। वे शनिवार को टीवी पर नजरे गड़ाए यूक्रेन की ताजा स्थित का जायजा लेते रहे।
भारत सरकार यूक्रेन में फंसे छात्रों को मेडिकल यूनिवर्सिटी से यूक्रेन से सटे पोलैंड से भारत लाया जा रहा है। इसकी जानकारी होने पर पिता शकील खां, माता व चाचा वकील खां को राहत मिली।
युसूफ के पिता ने बताया कि मार्च में वह घर आने के लिए कह रहा था, लेकिन इसी बीच रूस-यूक्रेन में युद्ध छिड़ गया है और बमबारी की खबर से पूरा परिवार घबड़ा गया है। चाचा वकील खा ने भतीजा सहित अन्य छात्रों व भारतीय नागरिक को सुरक्षित भारत पहुंचाने की कोशिश की सराहना की।
बांसी प्रतिनिधि के अनुसार यूक्रेन पर हो रहे रूस के हमले से वहा फंसे मेडिकल छात्रो के परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। परिजन भारत सरकार से अपने बच्चों को सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं।
नगर के आजाद नगर वार्ड के चंद्रशेखर पांडेय के पुत्र सुशांत पांडेय यूक्रेन में एमबीबीएस के छात्र हैं। 25 फरवरी को ही उनका टिकट था, जो अब निरस्त हो चुका है। पिता चंद्रशेखर पांडेय का कहना है कि यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के बाद से पूरा परिवार घबराया हुआ है और वहा यूक्रेन में बेटा भी डर के साए में जी रहा है।
यूक्रेन में फंसे सुशांत पांडे के पिता चंद्रशेखर पांडे, हुमैरा चौधरी के पिता डॉ. हफीज चौधरी, जाहिद हसन के पिता डॉ. असलम और इनका परिवार, बच्चों के सुरक्षित वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।