पाली हाउस लगा किसान ने खोली तरक्की की राह
60 हजार प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर शुरू किया पाली हाउस खेती
सरकार दे रही पाली हाउस पर अनुदान
खुनियांव ब्लॉक के सेमरा गांव निवासी हैं, फूलों की खेती करते हैं अतुल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्राइवेट कंपनी में 60 हजार रुपये की नौकरी छोड़कर पाली हाउस में जरबेरा के फूल की खेती करने वाले खुनियांव ब्लॉक के सेमरी गांव के टोला बभनी निवासी अतुल कुमार वर्मा जिले के किसानों को तरक्की की राह दिखा रहे हैं। उनकी योजना को साकार करने में सरकारी मदद भी अहम है।
अतुल ने सैनिक स्कूल भुवनेश्वर और कोटा से इंजीनियरिंग करके आठ वर्षों तक कंपनियों में काम किया। मगर मिट्टी की महक उन्हें गांव खींच लाई। खेती के जरिए आर्थिक उन्नति सोचा और पुश्तैनी खेती से हटकर पाली हाउस लगाने को सोचा। प्रोजेक्ट बड़ा था, लेकिन हौसले बुलंद थे। नतीजतन, खुद तो काम कर ही रहे हैं, साथ ही साथ 18 परिवारों को भी रोजगार से जोड़ दिया। आज जरबेरा फूल की खेती करके प्रतिमाह एक लाख रुपये से अधिक कमा रहे हैं। साथ ही आसपास किसानों को खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अतुल कहते हैं शहरों में बहुत रहा है। मगर जिले को पहचान दिलाने और कुछ अलग करने का सोच है। आगे बढ़ा तो सरकार की मदद मिली और बेहतर कार्य शुरू हो गया। सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि पाली हाउस के लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके और वे स्वरोजगार कर सकें। पाली हाउस का प्रोजेक्ट बड़ा है। इसमें कम से कम 25 लाख रुपये से प्रोजेक्ट शुरू होता है। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए शुरू हुई इस योजना में 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार की ओर से दी जा रही है। इससे इस कार्य को शुरू करने में काफी सहूलियत मिलती है।
दो हजार वर्ग मीटर में लगाया पाली हाउस
किसान अतुल वर्मा ने दो हजार वर्ग मीटर में पाली हाउस (नेचुरल वेंटीलेशन) लगाया है। इसमें जरबेरा के 12 हजार पौधे लगाए हैं। प्रतिदिन औसतन ढाई से तीन हजार फूल निकलता है। यह फूल बस्ती, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर सहित अन्य शहरों में जाता है। बताया फूल कि बिक्री बाजार की मांग के ऊपर निर्भर करता है। एक फूल डेढ़ रुपये से 20 रुपये तक की कीमत में बिक जाता है। लग्न के सीजन में मांग बढ़ने के हिसाब से कीमत मिलती है। नवंबर और 15 दिसंबर तक मांग अच्छी थी तो अच्छी कीमत मिली। फिर भी यह खेती फायदे की है, रकबे को और बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिस्टम को लगाया है। इसके लिए सिंचाई यंत्र और पाइप की खरीद पर सरकार की ओर अनुदान मिलता है।
किसान को करना होगा ऑनलाइन आवेदन
पाली हाउस लगाने के लिए किसान को कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसान कृषि विभाग का पोर्टल खोलेंगे तो यहां योजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी। इसमें पाली हाउस अनुदान से जुड़ी जानकारी मिली। जहां किसान आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद कृषि और उद्यान विभाग की ओर से फाइल तैयार की जाएगी, फिर ऋण मिलेगा।