‘उम्रदराज नहाते समय बरतें सावधानी’
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। कड़ाके की ठंड उम्रदराज लोगों पर भारी पड़ सकती है। ठंड में रक्त जमने से हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उम्रदराज लोग नहाते समय विशेष सावधानी बरतें। गुनगुने पानी का प्रयोग करें। ठंडा पानी सीधे सिर पर कत्तई न डालें।
डुमरियागंज न्यू पीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुस्तकीम अंसारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शीतलहर में हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक का खतरा मरीजों में चार गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही डायबिटीज, हाइपर टेंशन व हार्ट के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसी समस्या शीतलहर के दौरान 65 वर्ष की आयु के लोगों को अधिक होती है। सुबह शाम ऐसे व्यक्ति घर से बाहर ना निकलें, बीपी को कंट्रोल रखें, घर के अंदर टोपी, मफलर, मोजा पहनें, कमरे को गर्म रखें। उम्रदराज लोग नहाते समय ठंड से बचने की पूरी सावधानी रखें। किसी स्टूल पर बैठकर नहाएं। सुबह के समय दूध लेने, अखबार लेने के लिए अचानक ठंड में बाहर ना निकलें।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
डॉक्टर मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण 8 प्रकार के होते हैं। यह जानकारी सभी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि शरीर के एक भाग में अचानक कमजोरी आना, शरीर के एक भाग का अचानक सुन्न होना, आंख की रोशनी अचानक कम होना, अचानक आवाज बदल जाना या बोलने में दिक्कत होना, अचानक बातों को न समझ पाना, अचानक सिर घूमना या चक्कर आना, अचानक चलने में दिक्कत होना और संतुलन बिगड़ना, अचानक सिर में तेज दर्द और उसके साथ बेहोश होना आदि प्रमुख लक्षण हैं।
दो प्रकार का होता है ब्रेन स्ट्रोक
डॉ. अंसारी ने कहा कि पहला ब्रेन स्ट्रोक खून जम जाने के कारण होता है। दूसरा ब्रेन स्ट्रोक की वेसल में खून जमना, हृदय की बीमारी या गर्दन की ब्लड वेसल से क्लॉट बन कर ब्रेन में पहुंच जाए।