अब साथिया केंद्र से दिनचर्या को बेहतर बनाएंगे किशोर
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग किशोर-किशोरियों के जीवन में बदलाव लाने और उनकी दिनचर्या को बेहतर बनाने के लिए जिले भर में 15 स्थानों पर साथिया केंद्र खोले जाएंगे। ये केंद्र ब्लॉक मुख्यालयों के सीएचसी-पीएचसी और जिला अस्पताल पर खोले जाएंगे। इनमें जिला अस्पताल छोड़कर सभी केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग जिले के हर ब्लॉक पर किशोर-किशोरी को इस उम्र में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों से परिचित कराने के लिए साथिया केंद्र खोला गया है। इन केंद्रों पर 10 से 19 वर्ष के बीच आने वाले किशोर-किशोरी को लाकर बेहतर स्वास्थ्य रखने की काउंसलिंग की जा रही है। इसमें स्कूल जाने वाले या स्कूल न जाने वाले, विवाहित या अविवाहित हो सभी को शामिल किया गया है। काउंसिलिंग के दौरान इन्हें मानसिक स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य, माहवारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही खून की कमी को दूर करने के लिए आयरन की गोली, कृमिनाशक दवा के सेवन आदि से परिचित कराया जाएगा। वहीं बढ़ती उम्र के साथ खाने-पीने के उपाय भी बताए जाएंगे। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के (आरकेएसके) नोडल अधिकारी डॉ. शेषभान गौतम ने बताया कि साथिया केंद्रों पर काउंसलर तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जब तक काउंसलर नहीं आ जाएंगे, तब तक स्टॉफ नर्स साथिया केंद्र का संचालन करेंगी। जिले के सभी इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) पर तैनात एक-एक स्टॉफ नर्स और बीसीपीएम को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। काउंसलर न आने तक यह सभी आसानी से साथिया केंद्र का संचालन कर रहे हैं।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत साथिया केंद्र जिले भर में स्थापित होने हैं। जिला अस्पताल को छोड़कर सभी केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। काउंसलर की तैनाती नहीं होने से पूर्ण रूप सक्रिय करने में दिक्कत हो रही हैं। इस दिशा में शासन स्तर पर पत्र व्यवहार किया जाएगा।