अनफिट वाहनों के अधिग्रहण का नोटिस भेजा, मालिक परेशान
- तीन मार्च को होने वाले मतदान ड्यूटी में चलने के लिए होता है वाहनों का अधिग्रहण
सिद्धार्थनगर। विधानसभा चुनाव में ऐसे वाहनों के अधिग्रहण के लिए नोटिस भेजा गया है, जो चलने योग्य हैं ही नहीं। कंडम वाहन का नोटिस जारी हो जाने से वाहन स्वामी परेशान हैं, क्योंकि बार-बार दबाव बनाया जा रहा है कि अगर वाहन नहीं पहुंचा तो केस दर्ज कराया जाएगा। ऐसे में वाहन स्वामी की परेशानी बढ़ गई है।
पांच विधानसभा सीट वाले जनपद में तीन मार्च को मतदान है। मतदान सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह से लगा हुआ है। बूथ तक कर्मचारियों को पहुंचने के लिए संभागीय विभाग वाहनों का अधिग्रहण करता है। वाहन स्वामी को नोटिस जारी करके बताए हुए स्थान पर समय से पहुंचने के लिए निर्देशित करता है। ऐसा नहीं करने पर केस दर्ज कराने का नियम है। 680 बड़े वाहन बस और ट्रक और 980 छोटे वाहन बोलेरो और स्कार्पियो को अधिग्रहण के लिए वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें इतनी गड़बड़ी है कि वाहन स्वामी परेशान हैं। कारण बिना वाहन देखे ही नोटिस जारी कर दिया गया। वाहन कंडम हो चुके हैं तो वाहन स्वामी कैसे वाहन लेकर पहुंचे। इससे वे हैरान परेशान हैं।
वाहन है खराब, आग गया नोटिस
परसा क्षेत्र के एक विद्यालय के संचालक ने बताया कि विद्यालय की बस कोरोना काल में न चलने के कारण खराब हो गई है। बैट्री, टायर सब खराब हैं। वह बनने की स्थिति में नहीं है। अधिग्रहण के लिए नोटिस आया है। अब कैसे वाहन लेकर जाएंगे, यह समस्या उत्पन्न हो गई है।
बोलेरो दो वर्ष पहले हो गई खराब, आया नोटिस
बांसी कोतवाली क्षेत्र के सिकरा के रहने वाला एक व्यक्ति वाहन अधिग्रहण का नोटिस मिलने के बाद एआरटीओ कार्यालय पहुंच गया। उसने बताया कि उसकी बोलेरो दो वर्ष पहले ही कंडम हो गई। वह चलने योग्य नहीं है, अब नोटिस आ गया है। कहां से वाहन लाकर दें, डर लग रहा है केस न दर्ज हो जाए।
बोले जिम्मेदार
वाहनों का अधिग्रहण सही किया गया है। अधिकांश वाहन स्वामी भेजने से कतराते हैं, इसलिए वाहन खराब होने की बात करते हैं। अगर वास्तव में वाहन खराब है तो साक्ष्य के साथ प्रार्थना पत्र दें। कोई भी कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन, जिनके वाहन सही हैं और अधिग्रहण का नोटिस मिला है और नहीं ला रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष कुमार शुक्ल, एआरटीओ, सिद्धार्थनगर