सक्रिय होंगी निगरानी समितियां, बाहर से आने वालों को देगी जानकारी
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना का नया स्वरूप मिलने के बाद सरकार अलर्ट
सिद्धार्थनगर। दक्षिण अफ्रीका सहित कई अन्य विदेशी मुल्क में कोरोना के नए स्वरूप के संक्रमण के फैलाव को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। कोरोना का फैलाव देश में न होने पाए और गांव तक पहुंचने से रोकने के लिए कवायद शुरू हो गई है। पहली और दूसरी लहर में अहम भूमिका निभाने वाली निगरानी समितियों का एक बार फिर सहयोग लिया जाएगा। गांव निगरानी समिति को सक्रिय किया जाएगा। इसमें गांव में प्रधान, नगर पालिका और नगर पंचायत में सभासद को जिम्मेदारी दी जाएगी। वे विदेश से गांव में आने वालों को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देंगे।
कोरोना की पहली लहर से व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। किसी तरह स्थिति सामान्य हुई तो दूसरी लहर आई गई। संकट टला तो लोगों में कोरोना का भय खत्म हो गया। लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं और सामाजिक दूरी का पालन भूल चुके हैं। सामाजिक गतिविधियां पूर्व की तरह से हो गईं है। इसी बीच दक्षिण अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और हांगकांग सहित कई 12 देशों में कोरोना का नया स्वरूप सामने आया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका फैलाव तेज है। इन देशों से लौटने वालों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एयरपोर्ट पर के जरिए जानकारी लेकर उन्हें सर्विलांस पर रख रही है।
शासन ने कोरोना के नय स्वरूप का विस्तार रोकने के लिए जांच और टीकाकरण का दायरा बढ़ाने के साथ गांवों में निगरानी समितियों के माध्यम से जानकारी लेने और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संदिग्ध लक्षण वाले व्यक्ति के जांच के लिए आदेश दिया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना का नया स्वरूप सामने आने के बाद हर स्तर से तैयारी शुरू कर दी गई है। टीकाकरण और जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है।
निगरानी समिति में इनकी जिम्मेदारी
ग्राम निगरानी समिति में सेक्रेटरी के अलावा आशा और आंगनबाड़ी वर्कर शामिल रहेंगी। नगरीय क्षेत्र में वार्ड के लोगों को समिति में नामित किया है। उनकी कौन गांव में आ रहा है, कहां से आ रहा है, उसका नाम, मोबाइल फोन नंबर सहित पूरा डाटा तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। उसे कोरोना जांच के लिए प्रेरित करेंगे। जांच रिपोर्ट न आने तक एक सप्ताह तक घर में रहने के लिए जानकारी देंगे। उसकी निगरानी करते रहेंगे। नजदीक के पीएचसी और सीएचसी पर चिकित्सक को जानकारी देंगे।