शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने पांचवें दिन धरना
व्यापारिक संगठन की ओर से विधायक को मिला समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपना दल (एस) के नेता एवं शोहरतगढ़ क्षेत्र के विधायक विनय वर्मा ने शनिवार को पांचवें दिन भी धरना दिया। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह को हटाने की मांग को लेकर वह नगर पालिका परिषद कार्यालय के सामने धरना दे रहे हैं। वहीं विधायक के शिकायती पत्र के मामले में विधान सभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के निर्देश पर आईजी बस्ती आरके भारद्धाज ने जांच की है और उन्होंने एडीजी के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि, जांच रिपोर्ट भेजने की पुष्टि करने से अधिकारी बच रहे हैं।
जांच रिपोर्ट में पुलिस के खिलाफ आरोप साबित हुए हैं या क्लीन चीट मिली है? पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी इसके बारे में कयास लगा रहे हैं। विधायक ने पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन की भी शिकायत है। विधायक के पांचवें दिन धरना पर बैठे होने पर जिले के लोग भी जानने की कोशिश करते रहे कि धरना का परिणाम क्या हुआ?
विधायक विनय वर्मा ने बताया कि प्रदेश के नौ विधायकों ने उनसे फोन पर बात की है और अपने सुझाव भी दिया। वह जनता का उत्पीड़न रोकने एवं न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए लोगों को समर्थन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष कन्हैया लाल मित्तल, ऑल इंडिया इंडस्ट्रीज एंड बिजनेश वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष किराना प्रकोष्ठ संजय मित्तल एवं नगर पंचायत बढ़नी के सभासद मनोज यादव, निसार अहमद, आसमां खातून, रजीउद्दीन, दीप माला ने समर्थन दिया।
पार्टी छोड़ने वाले अधिवक्ता पहुंचे धरना स्थल परअपना दल (एस) विधि मंच के पूर्व प्रदेश सचिव एवं प्रजापति महासभा के जिलाध्यक्ष शेषमणि प्रजापति शनिवार को विधायक के धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों से असंतुष्ट होकर मैंने दूरी बना ली थी, लेकिन विधायक को जनहित के मुद्दे पर धरना के मामले में उन्होंंने समर्थन दिया है। शोहरतगढ़ विधान सभा क्षेत्र में ही छेड़छाड़ के दो मामले में कार्रवाई नहीं के दस्तावेज उन्होंने विधायक को दिया है, इसकी जांच की मांग करेंगे।
थानाध्यक्ष पर कार्यकर्ता को धमकी देने का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि शोहरतगढ़ थानाध्यक्ष ने धरना में शामिल होने वाले नगर पंचायत क्षेत्र शोहरतगढ़ के विष्णु सिंह के मोबाइल नंबर पर फोन करके धमकी दी है। थानाध्यक्ष ने उन्हें नतीजा भुगतने की धमकी दी गई है। इस मामले में उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर से शिकायत की है।