मंसाछापर। जटहा बाजार गांव में सोमवार की दोपहर खेत जुताई कर रहे एक किसान ने तेंदुआ को देखा। इसके बाद गांव में एक बार फिर भगदड़ मच गई। लोगों ने फिर लाठी-डंडा लेकर तेंदुए की खोजबीन शुरू कर दी। बावजूद इसके कहीं पर भी तेंदुआ नजर नहीं आया। लोगों का कहना है कि नौवें दिन भी तेंदुआ को पकड़ने में वन विभाग असफल साबित रहा है। पिंजरा लगाने के बाद भी तेंदुआ उसमें नहीं फंस रहा है। विभागीय जिम्मेदार सिर्फ काम्बिंग करने तक सीमित हैं।
एक सप्ताह पहले जटहा बाजार गांव में तेंदुआ बांस की कोठी में बैठा दिखा था, जिसके बाद से लगातार वह कहीं न कहीं दिखाई दे रहा है। वन विभाग के कर्मचारी लगातार कांबिंग कर रहे हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है और उसमें बकरी भी बांधी गई है, लेकिन चार दिन बाद भी तेंदुआ उसमें नहीं फंसा।
सोमवार दोपहर को गांव के वकील खेत की जुताई कर रहे थे कि अचानक वह तेंदुए को कुछ दूरी पर एक खेत से जाते हुए देखने के बाद बदहवास हो गए और वहां से भागते हुए गांव में इसकी जानकारी दी। लोगों ने लाठी लेकर तेंदुए की तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद भी तेंदुए का पता नहीं चल सका। लोगों का कहना है कि लगातार नौ दिन से तेंदुए की चहलकदमी हो रही है, लेकिन वन विभाग अभी तक उसको पकड़ने में कामयाब नहीं हो सका है।