खरमास समाप्त, अब बजेगी शहनाई
मकरसंक्रांति पर्व आज, होंगे मांगलिक कार्य
स्नान, दान एवं खिचड़ी खाने से होता है शुभ एवं फलदायी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सूर्य देव शुक्रवार रात मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मकरसंक्रांति पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। इसके साथ ही एक माह से चल रहा, खरमास भी समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सभी धार्मिक एवं मांगलिक कार्य शुरू किए जा सकेंगे।
सनातन धर्म के पंचांग के अनुसार जब भगवान सूर्य देव, धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे मकरसंक्रांति कहा जाता है। खिचड़ी खाने और खिलाने का महापर्व मकरसंक्रांति होता है। इस बार खिचड़ी महापर्व मकरसंक्रांति 15 जनवरी को मनेगी। आचार्य योगेश पांडेय का कहना है कि 14 जनवरी को रात्रि आठ बजकर 34 मिनट पर, भगवान भास्कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे। शास्त्रों के अनुसार, जब रात्रि में संक्रांति लगती है तो इसका पूर्ण काल अगले दिन होता है। इसलिए 15 को संक्रांति के साथ खिचड़ी खाने और खिलाने एवं दान पुण्य करने का महापर्व मनाया जाएगा। पवित्र स्नान-दान, मध्यान काल तक किया जाएगा। सर्वत्र गंगा नदी अन्यत्र नदी तीर्थ एवं कुंआ, सरोवर आदि में स्नान किया जाएगा। आज के दिन ऊनी वस्त्र, शॉल, कंबल, जूता, काला तिल, खिचड़ी का दान पुण्य फलदायी होता है। उन्होंने बताया कि पौष मास शुक्ल पक्ष में कुल तीन सोमवार एवं सोमवार की पूर्णमासी तथा शुक्रवार की मकरसंक्रांति सभी कुछ शुभ फलकारक हैं।
बढ़ेगी ठंड
आचार्य योगेश पांडेय का कहना है कि मकर संक्रांति से ग्रहों की चाल बदलेगी। इससे पूरा उतर भारत ओला, पाला, कोहरा एवं हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से जकड़ जाएगा एवं सामान्य जनजीवन थम-सा जाएगा। रिकार्ड तोड़ सर्दी पड़ेगी। साथ ही बारिश होने की संभावना भी बन रही है।