संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अलीगढ़वा बाॅर्डर के उस पार स्थित चाकरचौड़ा कस्बे में लगभग पांच एकड़ जमीन पर भंसार कार्यालय बनकर तैयार है, लेकिन भारत से वार्ता न होने से इसे शुरू नहीं किया जा रहा है। यदि चाकरचौड़ा में भंसार शुरू हो तो दोनों देश के नागरिकों को सहूलियत मिलेगी।
यह बातें नेपाल के पूर्व मंत्री सांसद मेट मणि चौधरी ने नेपाली संसद भवन में सोमवार को कही। उन्होंने कहा कि माओवादी जनयुद्ध से पहले सबसे बेहतरीन तरह से चल रहे कपिलवस्तु के मायादेवी गाऊ पालिका वार्ड नंबर-चार के चाकरचौड़ा भंसार नाका अच्छे भंसार बाॅर्डर के रूप में पहचाना जाता था। लोग दो व चार पहिया वाहन लेकर एक दूसरे देश में राजस्व चुकता कर आना जाना करते रहे हैं,।
देश में आंदोलन के बाद भंसार विस्थापित हो गया। शांति आई तो भंसार कार्यालय तो स्थापित हुआ, लेकिन वह पुरानी सुविधाएं नहीं वापस आईं। इसके शुरू होने से लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से वार्ता कर इस भंसार को पूर्ण रूप से खोला जाए। जबकि भंसार से 15 से 20 किमी दूर बन रहे महेंद्र राजमार्ग को चार लेन बनाने की योजना पारित की जाए। इससे दोनों देशों के नागरिकों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़वा चाकरचौड़ा बाॅर्डर खुलने से पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा। लोग आसानी से सूपा देउराली प्रभुनाथ पशुपतिनाथ तिलौराकोट जैसे धार्मिक स्थलों पर पहुंच पाएंगे।
र