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ठंड बढ़ने से निमोनिया की चपेट में आ रहे मासूम

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ठंड बढ़ने से निमोनिया की चपेट में आ रहे मासूम
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डुमरियागंज। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही ठंड और शीतलहर से जहां बुजुर्ग परेशान हैं, वहीं बच्चों के लिए भी यह मौसम किसी चुनौती से कम नहीं है। बुजुर्गों और ब्लड प्रेशर के रोगियां के लिए ठंड में बचाव बेहद जरूरी है। नगर स्थित न्यू पीएचसी के ओपीडी में हर रोज औसतन 12 मरीज, पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
ठंड को देखते हुए बच्चों में सर्दी, खासी, निमोनिया के साथ ही कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ा है। अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों के साथ ही निमोनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बदलता मौसम दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय रोगियों के लिए भी खतरनाक है। जिले में कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मुस्तकीम अंसारी ने बताया कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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अस्पताल में रोजाना इस तरह की बीमारियों से ग्रस्त मरीज आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफरीदा खातून ने कहा कि ठंड के कारण बच्चों में ज्यादातर मौसमी बीमारी हो रही है। सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। डॉ. अंसारी ने कहा कि अस्पताल में मौसम बदलाव के कारण मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की समुचित व्यवस्था है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को दायित्व के प्रति सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ये रखें सावधानी
डुमरियागंज। लोग सर्दी-जुखाम होते ही सतर्क हो जाएं और बच्चों को संतुलित आहार दें। प्राथमिक उपचार में देरी न करें। बच्चे के बचे हुए टीके लगवाएं। कुपोषित बच्चे पर विशेष ध्यान दें।
ये हैं निमोनियाब के लक्षण
डुमरियागंज। डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी संक्रमण के कारण फेफड़े में अगर सूजन हो जाता है तो उसके निमोनिया कहते हैं। हालांकि ज्यादातर निमोनिया बैक्टीरिया की वजह से होता है। इंफ्लुएंजा या कोविड-19 जैसे वायरस भी फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। लापरवाही बरतने पर निमोनिया, वयस्कों और बच्चों के लिए कभी-कभी घातक साबित होता है।
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बच्चों को ठंड से बचाव के लिए यह है जरूरी
डुमरियागंज। बढ़ते ठंड में बच्चों को बचाव करना बेहद जरूरी है। छह माह तक के बच्चों को केवल मां का दूध पिलाएं। बड़े बच्चे एवं सभी को हल्का गुनगुना पानी पीने की जरूरत है। ऊनी कपडे़ पहनें, परेशानी बढ़ने पर तत्काल में डॉक्टर को दिखाएं।
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