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बढ़ रहे किडनी के रोगी, डायलिसिस के लिए लग रहा नंबर

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बढ़ रहे किडनी के रोगी, डायलिसिस के लिए लग रहा नंबर
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सिद्धार्थनगर। खराब खानपान का असर लोगों की किडनी पर भी पड़ रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट के आंकड़े बताते हैं कि जिले में किडनी रोगियों की तादाद में इजाफा हुआ है। इस यूनिट में पिछले चार वर्ष में 252 मरीजों का पंजीकरण हुआ है। ये वे मरीज हैं, जिनकी किडनी फेल हो चुकी है और डायलिसिस के सहारे जीवन जी रहे हैं।
गलत खानपान इंसान को समय से पहले गंभीर बीमारी का शिकार बना रहा है। पिछले कई वर्ष से किडनी के रोगी अधिक पाए जा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इसे मरीजों की संख्या बढ़ना भी हो सकता है और जांच का दायरा बढ़ने से जानकारी का भी होना प्रमुख कारण है। पर मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में किडनी फेल होने वाले मरीज संख्या काफी बढ़ी है। जिला अस्पताल में 20 से अधिक मरीज महीने में ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनके लक्षण देखने के बाद जांच कराई जा रही है तो पता चल रहा है कि किडनी खराब होने लगी है।
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डॉ. सीबी चौधरी बताते हैं कि इनमें वे मरीज हैं, जो लंबे समय से या तो शराब का सेवन कर रहे हैं या फिर दर्द होने पर हाईपॉवर की दवा नियमित सेवन कर रहे हैं। इस परिस्थिति में किडनी के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। हर माह तकरीबन 20 केस तो ऐसे सामने आ ही जाते हैं। गंभीर रोगियों को संबंधित विशेष चिकित्सक के पास रेफर कर दिया जाता है। फिलहाल खानपान खराब होने से यह बीमारी होती है। वहीं डायलिसिस यूनिट के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार वर्ष में 252 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिनका चिकित्सक के परामर्श के हिसाब से डायलिसिस किया जा रहा है। यह सब किडनी फेल होने वाले मरीज हैं।
एक दिन में 30 लोगों का होती है डायलिसिस
यूनिट से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी के मुताबिक, चिकित्सक के परामर्श के हिसाब से मरीज का डायलिसिस होती है। एक सामान्य हाल वाले मरीज का सप्ताह में दो बार और गंभीर मरीज का तीन बार डायलिसिस होती है। 10 बेड हैं और तीन शिफ्ट में मरीजों को बुलाया जाता है। इसमें सुबह सात से 11 बजे तक, दोपहर 12 से चार बजे तक और शाम पांच से रात नौ बजे तक होती है। एक दिन में 30 मरीज का डायलिसिस होती है।
इस प्रकार बढ़ा मरीजों का आंकड़ा
यूनिट दिसंबर 2018 में शुरू हुई। एक माह में 18 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। 2019 में 101 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। 2020 में 60 रजिस्ट्रेशन हुआ और 2021 में अब तक 73 रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वहीं 30 मरीज वेटिंग में चल रहे हैं।
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किडनी रोग के लक्षण
डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि पेशाब कम आना, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन होना, हमेशा थकान बने रहना, किडनी की कार्यक्षमता एकाएक होना। रक्त में पोटेशियम की अधिक मात्रा हो जाना, सांस फूलना, यह अगर शरीर में दिखने लगे तो चिकित्सक की सलाह के बाद जांच जरूर कराएं।
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