जिले में आग का तांडव मंगलवार को भी जारी रहा। विभिन्न क्षेत्रों में लगी आग से हजारों बीघा गेहूं की फसल राख हो गई।
एक सौ से अधिक आशियाने जल गए। आग की प्रचंड लपटों से गांवों में भगदड़ मची रही। आबादी क्षेत्र में आग पहुंचने से लोग गांव-घर छोड़कर भाग खड़े हुए। पुलिस-प्रशासन, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से आग बुझने के घंटों बाद लोग वापस लौटे। इस दौरान भनवापुर के परसोहिया तिवारी गांव में आग की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
चिल्हिया थाना क्षेत्र के कोइरीडिहा के सिवान से शुरू हुई आग ने सेमरा सहित कई गांव के खेतों को आगोश में ले लिया। आग से सेमरा की दलित बस्ती के चार दर्जन से अधिक मकान जल गए। इन घरों में रखा घर-गृहस्थी के सामानों के जलने के साथ ही पांच बकरियों की मौत हो गई।
आग से हरिवंश, रामउग्रह, फूलचंद, ज्ञानदास, पंचम, रामानंद, सुरसती, रामभरोसे, प्रेमा, सीताराम, रामविनोद, रोजन आदि के मकान जले। लहुरन की एक सप्ताह पहले खरीदी गई बाइक भी आग की भेंट चढ़ गई। भटौली, खोलाझुंगा, बजहां, मुड़िला, रमवापुर, भरवलिया, बैरखा, बैरखी, बजहां के सिवान में घंटों तक आग का कहर बना रहा।
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से चारों तरफ खेतों की जोताई कर आग को काबू में किया। भनवापुर क्षेत्र के शाहपुर बाजार के बगल पचउथ, प्रानडीह व नेबुआ के किसान यार मोहम्मद, रईस, वसीर, जयनाथ, खरसानु, पहलवान, बबलू सहित कई किसानों के लगभग 50 बीघा खेत की फसल आग की चपेट में आकर नष्ट हो गई।
सोमवार की देर शाम क्षेत्र के परसोहिया तिवारी गांव में आग की चपेट में आने से गंगाराम झुलस गया था। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।